वृद्ध दंपती की हत्या से दहशत में ग्रामीण

वृद्ध दंपती की हत्या से दहशत में ग्रामीण दोहरी हत्या. मदद की गुहार के साथ आखिरी बार अपने बड़े भाई को फोन किया था हरेंद्र नेहत्या के कारणों का नहीं चल सका पतामठ के पास छोटी-सी कुटिया बना कर रह रहा था दंपतीमठ के आस-पास दूर-दूर तक नहीं है कोई मकान संवाददाता, दिघवारात्रिलोकचक पंचायत के […]

वृद्ध दंपती की हत्या से दहशत में ग्रामीण दोहरी हत्या. मदद की गुहार के साथ आखिरी बार अपने बड़े भाई को फोन किया था हरेंद्र नेहत्या के कारणों का नहीं चल सका पतामठ के पास छोटी-सी कुटिया बना कर रह रहा था दंपतीमठ के आस-पास दूर-दूर तक नहीं है कोई मकान संवाददाता, दिघवारात्रिलोकचक पंचायत के कनकपुर गांव में वर्षों से मठ बना कर वैराग्य जीवन जी रहे वृद्ध दंपति की बुधवार की रात तेज हथियार से हुई नृशंष हत्या के बाद से त्रिलोकचक व कुरैया पंचायतों के कई गांवों में दहशत है. वहीं, हत्या के बाद से स्थानीय लोग गमजदा व आक्रोशित हैं. हर कोई एक साथ हुई दो हत्या को लेकर हतप्रभ हैं एवं क्षेत्र में हत्या को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. हर जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिरकार अपराधियों ने एकांत जीवन जी रहे दंपती की हत्या क्यों कर दी? हत्या के कारणों का कोई पता नहीं चल सका.भाइयों में सबसे छोटा था हरेंद्रअपराधियों ने जिस हरेंद्र शर्मा की हत्या की वह स्व. रामदीन शर्मा के पांच पुत्रों में सबसे छोटा था. दो भाई पहले ही दिवंगत हो चुके थे. एक भाई बोकारों में रहते हैं. जबकि बैकुंठ शर्मा गांव में ही रहते हैं. वहीं हरेंद्र ने वैराग्य जीवन को अपना लिया था. दंपती को नहीं था कोई बच्चाहरेंद्र शर्मा की शादी लगभग 40 वर्ष पूर्व अवतार नगर थाना क्षेत्र के रामगढ़ा गांव की शिवकांती के साथ हुई थी मगर इस संपति को जीवन भर संतान का सुख नहीं मिल सका. मठ बना कर रहने लगे थे हरेंद्रजीवन की शुरुआती समय में हरेंद्र पहले बंबई (अब मुंबई) में जिंदल कंपनी में फिटर का काम करता था. मगर सन 2000 में अपनी मां की मौत के बाद वह काफी मायूस रहने लगा था एवं नौकरी छोड़ कर घर से लगभग दो किलोमीटर दूर अपनी ही जमीन पर मठ बना कर अपनी पत्नी के साथ एकांत जीवन जीने लगा एवं घर से उसका नाता एकदम कम हो गया. मठ के पास छोटी-सी कुटिया बना कर वह अपना जीवन निर्वाह करने लगा. वहीं उसकी पत्नी एक पतिव्रता नारी की तरह अपने पति के साथ मठ में रहने लगी थी. गांव से काफी दूर है मठजिस मठ में दोनों की निर्मम हत्या हुई, वह बीच खेत में एकांत जगह पर अवस्थित है एवं चारों ओर से पेड़ पौधा से घिरा है. मठ के आस-पास दूर-दूर तक कोई मकान नहीं है. रात 9.17 में भाई को किया फोनबुधवार की रात्रि लगभग 9.17 बजे हरेंद्र शर्मा ने अपने बड़े भाई बैकुंठ शर्मा के मोबाइल पर फोन कर कहा कि कुछ अपराधियों ने उनको घेर लिया है जल्दी आइये. इस सूचना के बाद जब परिजन ग्रामीणों के साथ मठ में पहुंचे तब तक अपराधी दोनों को मौत के घाट उतार कर भाग चुके थे. मठ से दो सौ गज दूरी पर मिली टूटी वीआइपीमठ से लगभग दो सौ गज की दूरी पर शुक्रवार को ग्रामीणों को हरेंद्र के घर में रखी वीआइपी टूटी अवस्था में मिली एवं वहीं पर स्वास्थ्य कार्ड, स्मार्ट कार्ड, आधार कार्ड, पासबुक, एलआइसी के कागजात व पेंशन पेपर बिखरे पड़े थे. खेती की आमदनी से चलती थी दाल-रोटीमठ में दंपती एक लोहे की खटिया बना कर उसी पर रहते थे. भोजन बनाने के लिए चूल्हा व ऊनी कपड़े घर में थे. घर के दिवाल में चारों तरफ भगवान के पोस्टर टंगे थे. ऐसा लगता था कि दंपती आर्थिक बदहाली की स्थिति में जीते थे. मठ में रहकर दंपती अपने हिस्से की लगभग 5 कट‍्ठा जमीन पर खेती करते थे एवं उसी खेती से प्राप्त आमदनी से अपना पेट भरने के साथ मठ की पूजा का सामान खरीदते थे. पहले भी दंपती को मिली थी धमकीगांववालों के अनुसार, लगभग छह माह पूर्व भी अज्ञात अपराधियों ने दोनों को धमकाया था. तब से दोनों डर-डर कर रह रहे थे. घर की महिलाओं के अनुसार, मृतका बार-बार अपने जान पर खतरे की बात कहती थी. मगर लोग उसकी बातों को अनसुना कर देते थे.

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