छपरा (सदर) : वाणिज्य कर विभाग द्वारा जिले के आभूषण व्यवसायियों के वैट नंबर का सत्यापन किया जा रहा है. हालांकि विभाग ने अन्य किसी व्यवसायी के वैट नंबर को सत्यापन से मुक्त रखा गया है. इसे लेकर स्वर्ण का व्यवसाय (खरीद-बिक्री) करनेवाले व्यवसायियों में सरकार के आदेश को लेकर नाराजगी है.
महज आभूषण दुकानदारों की ही जांच क्यों : अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर विभिन्न स्वर्ण व्यवसायियों का कहना है कि सरकार के द्वारा आभूषण व्यवसायियों का सत्यापन कराया जा रहा है, परंतु जिले में खाद्य, रेडिमेड, हार्डवेयर आदि दर्जन भर विभिन्न व्यवसायों में लगे व्यवसायियों के वैट आदि कागजात की जांच नहीं करायी जा रही है, जो निश्चित तौर पर आभूषण व्यवसायियों के विरुद्ध एकतरफा कार्रवाई है. वहीं, जिले में विभिन्न व्यवसायों में बिना वैट नंबर लिये विभिन्न प्रकार के व्यवसाय किये जा रहे है.
विभिन्न व्यवसायों में 50 फीसदी के पास वैट नंबर नहीं : वाणिज्यकर के नियमानुसार, किसी भी प्रकार का व्यवसाय करनेवाले दुकानदारों को मूल्य बढ़ा कर (वैट) लेना अनिवार्य है परंतु, विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लगभग 50 फीसदी दुकानदारों ने वैट नंबर अब तक नहीं लिया है. कुछ स्वर्ण अाभूषण व्यवसायियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में वाणिज्य कर विभाग के पदाधिकारियों की नजर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के वैसे दुकानदारों पर रखनी चाहिए. सिर्फ यही नहीं होना चाहिए कि कर चुकानेवाले दुकानदारों को ही बार-बार टैक्स बढ़ाने आदि का दबाव दिया जाए.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
विभाग के निर्देश के आलोक में अभी सिर्फ आभूषण व्यवसायियों के वैट नंबर या अन्य कागजात का सत्यापन किया जा रहा है. अब तक सात-आठ व्यवसायियों का सत्यापन किया गया है. क्रमवार शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक आभूषण व्यवसायियों का सत्यापन किया जायेगा.
शंभू कुमार
वाणिज्य कर उपायुक्त, अंचल सारण
