कौशल विकास की प्रदर्शनी को पुरस्कृत नहीं किये जाने पर आक्रोश नोट. फोटो नंबर 26 सीएचपी 12 है. कैप्सन होगा- संवाददाता सम्मेलन में आक्रोश जताते भाजपा के नेतागण संवाददाता-सोनपुर. विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले के इतिहास में पहली बार ऐसा प्रयास हुआ कि मेले को रोजी-रोटी, नौकरी व जीवन यापन से जोड़ा गया. ऐसा अनूठा व अभिनव प्रयोग कौशल विकास के केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी की अलग हट कर सोच रखने के कारण हुआ. मेला अवधि में लगभग 350 युवक-युवतियों ने विभिन्न शॉर्ट टर्म ट्रेडों में सफल प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसके नौकरी व प्लेसमेंट का प्रयास भी मंत्री श्री रूडी द्वारा किया जायेगा. उक्त बातें भाजपा के राज्य परिषद् सदस्य राकेश कुमार सिंह ने कहते हुए ऐसे महत्वपूर्ण व आकर्षण का केंद्र रहे प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण शाला को मेला पुरस्कार समिति द्वारा कोई पुरस्कार प्रदान नहीं किया जाना बिहार सरकार की दोहरी मानसिकता का द्योतक है. श्री सिंह ने कहा कि कौशल विकास विभाग की प्रदर्शनी को पुरस्कार की श्रेणी में शामिल नहीं किये जाने का कारण स्पष्ट तौर पर इसका आयोजन व संचालन केंद्र सरकार द्वारा होना है. उन्होंने इसे निंदनीय बताते हुए कम्युनिटी पुलिस द्वारा पूरी मेला अवधि में विधि व्यवस्था संधारण व बड़ी संख्या में परिवार से बिछड़े बच्चों व लोगों को मिलाने का सराहनीय कार्य किया, मगर ऐसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए उसे भी सम्मानित नहीं किया जाना निराशाजनक है.
कौशल विकास की प्रदर्शनी को पुरस्कृत नहीं किये जाने पर आक्रोश
कौशल विकास की प्रदर्शनी को पुरस्कृत नहीं किये जाने पर आक्रोश नोट. फोटो नंबर 26 सीएचपी 12 है. कैप्सन होगा- संवाददाता सम्मेलन में आक्रोश जताते भाजपा के नेतागण संवाददाता-सोनपुर. विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले के इतिहास में पहली बार ऐसा प्रयास हुआ कि मेले को रोजी-रोटी, नौकरी व जीवन यापन से जोड़ा गया. ऐसा […]
