दिघवारा : हर साल की तरह इस वर्ष भी क्षेत्र के लोगों की ट्रेन से ‘राजधानी (पटना)’ जाने की हसरत पूरी नहीं हो सकी. न ट्रेन से पुल के गुजरने के समय का रोमांचकारी अनुभव मिल सका और न ही पुल इस वर्ष अपने माध्यम से उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ने के अपने उद्देश्य को पूरा कर सका. ट्रेन से पटना जाने का सपना नववर्ष में पूरा हो जायेगा. पुल की यात्रा की हसरत अगले साल ही पूरी होगी. फिर यात्रियों के लिए ‘अच्छे दिन’ आयेंगे. भले ही 12 साल से पुल पर चढ़ने का सपना पूरा न हो सका, मगर अगले साल यह हसरत पूरी हो जायेगी.
नये साल में पुल पर दौड़ेंगी ट्रेनें
दिघवारा : हर साल की तरह इस वर्ष भी क्षेत्र के लोगों की ट्रेन से ‘राजधानी (पटना)’ जाने की हसरत पूरी नहीं हो सकी. न ट्रेन से पुल के गुजरने के समय का रोमांचकारी अनुभव मिल सका और न ही पुल इस वर्ष अपने माध्यम से उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ने के अपने […]

1996 में शुरू हुआ था सर्वे : वर्ष 1996 में तत्कालीन रेलमंत्री राविलास पासवान की पहल पर रेल पुल बनाने के लिए सर्वे शुरू हुआ. सर्वे का काम दीघा-सोनपुर, गुलजारबाग, हाजीपुर व एलसीटी घाट, सोनपुर के बीच शुरू हुआ मगर दीघा-पहलेजा साइट को मंजूरी मिली.
वर्ष 2006 में पास हुआ रेल के साथ सड़क पुल का प्रस्ताव : वर्ष 2003 में जब पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, उस वर्ष सिर्फ रेल पुल बनने का प्रस्ताव था. मगर, वर्ष 2006 में तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद ने रेल पुल के समतुल्य सड़क पुल बनाने की स्वीकृति दिलायी. पूर्व मध्य रेलवे के तहत बनने वाले इस पुल पर अभी सिर्फ ट्रेनें दौड़ेंगी. बीते आठ अगस्त को पुल पर लाइट इंजन का ट्रायल होने के बाद इसी वर्ष ट्रेन चलने की उम्मीद बढ़ गयी थी. मगर, अगले वर्ष के शुरुआती महीने में ट्रेनें पुल के सहारे दौड़ लगाती हुईं राजधानी तक पहुंचेंगी. सड़क पुल शुरू होने में अभी काफी वक्त लगेगा.
क्योंकि, संपर्क सड़क बनाने जैसे कई कार्य अभी अधूरे हैं.