ऑपरेशन में थ्री डी लैप्रोस्कोपी की बढ़ी है उपयोगिताऑल इंडिया सर्जन कॉन्फ्रेंस में डॉ एमपी सिंह ने थ्री डी लैप्रोस्कोपी का बताया महत्व2017 में पटना में होगा कॉन्फ्रेंस छपरा (सारण). ऑपरेशन में लैप्रोस्कोपी थ्री डी की उपयोगिता काफी तेजी से बढ़ रही है. उक्त बातें डॉ एमपी सिंह ने गुड़गांव में आयोजित पांच दिवसीय ऑल इंडिया सर्जन काॅन्फ्रेंस में बोलते हुए कहीं. लैप्रोस्कोपी में थ्री डी के महत्व पर चर्चा करते हुए डॉ सिंह ने कहा कि छोटे से बड़े सभी तरह के ऑपरेशन में इसका महत्व काफी बढ़ा है. देश व दुनिया में सामाजिक-आर्थिक बदलाव और तेज रफ्तार जिंदगी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज न तो मरीज अधिक समय तक बेड पर रहना चाहता है और ना ही मरीजों के परिजनों के पास इतना अधिक समय है. मरीज और मरीज के परिजन भी किसी भी बीमारी का निदान कम-से-कम समय में चाहते हैं. ऐसा नहीं है कि यह केवल शहरी और संभ्रांत परिवार के लोग चाहते हैं, बल्कि गांव का गरीब तबका भी यही चाहता है. दरअसल बेड पर पड़ा मरीज भी जल्द स्वस्थ होकर अपने काम-काज में जुट जाना चाहता है. डॉ सिंह ने कहा कि थ्री डी लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन करने में मरीजों के खून नहीं गिरता है और मात्र एक छोटे से छिद्र के माध्यम से मरीजों का सफल ऑपरेशन हो रहा है, जिसमें मरीजों के जान का जोखिम कम है और किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा कम रहता है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के 72 घंटे में मरीजों को अस्पताल से मुक्त कर दिया जा रहा है. बिना चीड़ा-टांका के ऑपरेशन से मरीजों के शरीर पर दाग नहीं दिखता है. काॅन्फ्रेस में डॉ नीला सिंह ने भी थ्री डी लेप्रोस्कोपी पर चर्चा की और कहा कि महिलाएं कामकाजी हों या गृहिणी, सभी कम-से-कम समय में ऑपरेशन के अस्पताल से जल्द छुट्टी चाहती हैं. ऑल इंडिया सर्जन का अगला काॅन्फ्रेंस 2017 में होगा. इसका आयोजन स्थल बिहार की राजधानी पटना को चुना गया है.
ऑपरेशन में थ्री डी लैप्रोस्कोपी की बढ़ी है उपयोगिता
ऑपरेशन में थ्री डी लैप्रोस्कोपी की बढ़ी है उपयोगिताऑल इंडिया सर्जन कॉन्फ्रेंस में डॉ एमपी सिंह ने थ्री डी लैप्रोस्कोपी का बताया महत्व2017 में पटना में होगा कॉन्फ्रेंस छपरा (सारण). ऑपरेशन में लैप्रोस्कोपी थ्री डी की उपयोगिता काफी तेजी से बढ़ रही है. उक्त बातें डॉ एमपी सिंह ने गुड़गांव में आयोजित पांच दिवसीय ऑल […]
