अकीदत के साथ निकला ताजिया जुलूस लाठी-गदका भांज कर याद किया गया करबला के युद्ध कोनोट. फोटो नंबर 3 सीएचपी 6 है. कैप्सन होगा- ताजिया जुलूस में शामिल युवक छपरा. इमाम हुसैन के करबला में शहीद होने के चालीस दिन बाद मनाये जानेवाले चेहलुम को निहायत अकीदत के साथ मनाया गया. शहर के करीमचक, सरकारी बाजार की नौजवान कमेटी के तत्वावधान में ताजिया जुलूस का आयोजन किया गया. वहीं, दहियावां, नयी बाजार, ब्रह्मपुर, तेलपा, मिरचइया टोला समेत ग्रामीण इलाकों में भी ताजिया जुलूस निकाला गया. जुलूस में युद्ध के पारंपरिक वाद्य डंका व नगाड़े पर युद्ध की कला तलवार भांजना, गदका, लाठी व अन्य अस्त्रों के चलाने व भांजने का प्रदर्शन कर करबला के युद्ध को याद किया. वहीं, हिंदू भाइयों ने भी गंगा-जमुनी संस्कृति को जिंदा करते हुए जुलूस में शिरकत की एवं ताजिया उठाया व गदका भांज कर अकीदत का इजहार किया. विभिन्न संस्थाओं ने इस मौके को सादगी से मनाते हुए खिचड़ा का नेयाज व फातेहा किया व गरीबों से लंगर वितरण किया. लोगों ने इस दिन खास इबादतें कीं व करबला के इतिहास को याद कर शहीदों के लिए दुआएं कीं.
अकीदत के साथ निकला ताजिया जुलूस
अकीदत के साथ निकला ताजिया जुलूस लाठी-गदका भांज कर याद किया गया करबला के युद्ध कोनोट. फोटो नंबर 3 सीएचपी 6 है. कैप्सन होगा- ताजिया जुलूस में शामिल युवक छपरा. इमाम हुसैन के करबला में शहीद होने के चालीस दिन बाद मनाये जानेवाले चेहलुम को निहायत अकीदत के साथ मनाया गया. शहर के करीमचक, सरकारी […]
