चेहलुम पर निकाला मातमी जुलूस नोट. फोटो नंबर 3 सीएचपी 7 है. कैप्सन होगा- मातम मनाते सिया समाज के लोगछपरा. पैगंबर महम्मद के नवासे इमाम हुसैन ने आतंकवाद के खिलाफ दुनिया की पहली जंग लड़ी. उन्होंने अपना सिर इनसानियत की रक्षा के लिए कटाना गवारा किया, मगर आतंक के सामने झुके नहीं. उक्त बातें मौलाना मासूम रजा ने चेहलुम के मातमी जुलूस के दौरान अपनी तकरीर में कहीं. उन्होंने कर्बला व चेहलुम के रिश्ते को उजागर करते हुए अजादारों के मातम का सबब बताया. अंजुमन असगरिया, जाफरिया व अब्बासिया के तत्वावधान में निकाला गया मातमी जुलूस महमूद चौक, साहेबगंज, मौना चौक, गांधी चौक होते हुए छोटा तेलपा करबला तक गया. जुलूस में इमाम हुसैन के ताबूत, अब्बास का अलम व छह माह के दूधमुंहे अल असगर के झूले के साथ नोहा पर छोटे बच्चों समेत नौजवानों व बुजुर्गों ने मातम किया. जुलूस में सैयद गुलाम पंजतन, सैयद जफर अब्बास, शकील हैदर, डॉ असकरी रजा, बाकर रजा, फैयाज इमाम, तारा भाई, कैसर हसन बबलू आदि ने नोहा ख्वानी की. वहीं, लायंस व लियो क्लब ने संयुक्त रूप से साहेबगंज में स्टॉल लगाकर मातम करनेवालों को पानी व कॉफी पिलाया. मौके पर मनोज कुमार वर्मा संकल्प, विक्की आनंद, धर्मेंद्र रस्तोगी, साकेत श्रीवास्तव, नवीन कुमार, डॉ उदय पाठक, आशुतोष, डॉ ओपी गुप्ता, निशांत कुमार, कुंवर जायसवाल, वीरेंद्र गुप्ता, पीके सिंह, आनंद अग्रहरी आदि उपस्थित थे.
चेहलुम पर निकाला मातमी जुलूस
चेहलुम पर निकाला मातमी जुलूस नोट. फोटो नंबर 3 सीएचपी 7 है. कैप्सन होगा- मातम मनाते सिया समाज के लोगछपरा. पैगंबर महम्मद के नवासे इमाम हुसैन ने आतंकवाद के खिलाफ दुनिया की पहली जंग लड़ी. उन्होंने अपना सिर इनसानियत की रक्षा के लिए कटाना गवारा किया, मगर आतंक के सामने झुके नहीं. उक्त बातें मौलाना […]
