फर्जी भू-स्वामत्विपत्र जोड़......

फर्जी भू-स्वामित्वपत्र जोड़……पहले भी होते रहे हैं ऐसे मामले बनियापुर. फर्जी एलपीसी पर लोन उठाने का मामला कोई नयी बात नहीं है. सूत्रों की मानें, तो इस तरह के मामलों में कमोबेस बैंक पदाधिकारियों की भी मिलीभगत होती है, जिसका खुलासा समय-समय पर होता रहता है. एक ओर वास्तविक किसान को केसीसी खुलवाने के लिए […]

फर्जी भू-स्वामित्वपत्र जोड़……पहले भी होते रहे हैं ऐसे मामले बनियापुर. फर्जी एलपीसी पर लोन उठाने का मामला कोई नयी बात नहीं है. सूत्रों की मानें, तो इस तरह के मामलों में कमोबेस बैंक पदाधिकारियों की भी मिलीभगत होती है, जिसका खुलासा समय-समय पर होता रहता है. एक ओर वास्तविक किसान को केसीसी खुलवाने के लिए महीनों बैंक का चक्कर लगाना पड़ता है एवं बैंक द्वारा औपचारिकता पूरा करने के नाम पर कई अन्य कागजातों की मांग की जाती है. वहीं, फर्जीवाड़ा करनेवाले लोगों का आसानी से केसीसी बन जाता है. इसकी मुख्य वजह बैंककर्मियों की मिलीभगत है. बैंक में कार्यरत एक कर्मी ने नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर बताया कि केसीसी खुलवाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करनेवाले लोगों से अच्छी-खासी रकम वसूली जाती है. फिर एक निश्चित राशि बैंक कर्मियों को भी दी जाती है. इसके बाद फर्जी कागजातवाले लोगों को भी आसानी से केसीसी का लाभ मिल जाता है. ऐसे लोग केसीसी में कुल स्वीकृत लोन का तुरंत उठाव कर लेते हैं, ताकि फिर दुबारा उठाव करने की नौबत न आये.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >