वेद को आधार बना कर हो रहा है शोध कार्य मढ़ौरा. आधुनिक विज्ञान हमारे वेद के गर्भ से ही निकला है. वर्तमान में भूगोल शास्त्री भी वेदों की कही बात को आधार बना कर शोध कार्य कर रहे हैं. इस कारण भारत को जगत गुरु कहा जाता है. उक्त बातें भागवतकथा को शिवगंज में आयोजित भागवत कथा के जगतगुरु वेदांत माकंड स्वामी रामानुज चार्य ने कहीं. उन्होंने रामजन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि तरंग विज्ञान में वह शक्ति है, जिसके कारण ग्रह नक्षत्रों को परिभ्रमण काल में बदला जा सकता है. इसी कारण रामायण काल में आज का एक माह उस समय का दिन हुआ करता था. भगवान राम अहंकार को ग्रहण करनेवाले है. अहंकार को खत्म करना ही प्रभु का प्रिय खेल है.
वेद को आधार बना कर हो रहा है शोध कार्य
वेद को आधार बना कर हो रहा है शोध कार्य मढ़ौरा. आधुनिक विज्ञान हमारे वेद के गर्भ से ही निकला है. वर्तमान में भूगोल शास्त्री भी वेदों की कही बात को आधार बना कर शोध कार्य कर रहे हैं. इस कारण भारत को जगत गुरु कहा जाता है. उक्त बातें भागवतकथा को शिवगंज में आयोजित […]
