ईंट भट्ठा पर बनेगा शौचालय, मिलेगा शुद्ध जल

छपरा (सारण) : ईंट भट्ठा पर कार्यरत मजदूरों को मिलेगी शौचालय व शुद्ध पेयजल की सुविधा. ईंट भट्ठाें पर कराना होगा शौचालय का निर्माण तथा शुद्ध पेयजल का प्रबंध. राज्य सरकार ने निर्देश जारी कर दिया है. स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है. खुले स्थानों पर शौच की प्रवृत्ति […]

छपरा (सारण) : ईंट भट्ठा पर कार्यरत मजदूरों को मिलेगी शौचालय व शुद्ध पेयजल की सुविधा. ईंट भट्ठाें पर कराना होगा शौचालय का निर्माण तथा शुद्ध पेयजल का प्रबंध. राज्य सरकार ने निर्देश जारी कर दिया है. स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.

खुले स्थानों पर शौच की प्रवृत्ति पर रोक लगाने को यह प्रयोग के तौर पर लागू करने के लिए सरकार ने निर्णय लिया है. साथ ही मजदूरों को शुद्ध पेयजल की भी सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश ईंट भट्ठा मालिकों को दिया गया है. इसका पालन नहीं करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

क्या है उद्देश्य -स्वच्छता को प्रोत्साहित करना-मजदूरों को भी शौचालय की सुुविधा उपलब्ध कराना-ईंट भट्ठा पर कार्यरत महिला मजदूरों की सुरक्षा-खुले स्थान पर शौच के दौरान महिलाओं के साथ होनेवाली घटनाओं को रोकना-मजदूरों को शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना -शौचालय के साथ स्नान घर की भी सुविधाक्या है

निर्देश-मजदूरों की संख्या के अनुपात में शौचालय का निर्माण -महिला मजदूरों के लिए अलग से शौचालय का निर्माण -शौचालय के साथ स्नानघर का भी निर्माण-स्नानघर व शौचालय के लिए जलापूर्ति के लिए पानी टंकी का प्रावधान-पेयजल के लिए मानक के अनुरूप बोरिंग का प्रावधान-ईंट भट्ठा मालिक अपने खर्च से करेंगे

यह प्रबंधउल्लंघन करनेवाले होंगे दंडितईंट भट्ठा पर शौचालय तथा पानी टंकी का निर्माण नहीं करानेवाले ईंट भट्ठा मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी. सरकारी आदेशों तथा नियमों का पालन सभी ईंट भट्ठा मालिकों को हर हाल में करना होगा.

इसका पालन नहीं करनेवालों पर जुर्माना लगाया जायेगा और ईंट भट्ठे का लाइसेंस भी निर्गत करने पर रोक लगायी जा सकती है. स्वच्छता अभियान को कार्यरूप देने के लिए इसका पालन सख्ती से कराने का निर्देश जारी किया गया है. क्या है स्थितिजिले में किसी भी ईंट भट्ठा पर शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है और ना ही पानी टंकी का प्रबंध किया गया है.

इस वजह से वहां कार्यरत मजदूर आज भी खुली जगहों पर शौच करने को विवश हैं. मजदूरों को शुद्ध पेयजल की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है. मजदूरों को दूषित पानी पीने के लिए विवश होना पड़ रहा है. जिले में करीब 278 ईंट भट्ठे हैं.

क्या कहते हैं अधिकारीस्वच्छता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार के निर्देश के आलोक में सभी ईंट भट्ठाें पर शौचालय तथा पानी टंकी का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया है.

इसका अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं. मेघनाथ रजकजिला खनन पदाधिकारी, सारणक्या कहते हैं संघ के अध्यक्ष सरकार का यह निर्णय सराहनीय है और इसका पालन समाज के हित में जरूरी है.

लेकिन, शौचालय का निर्माण कराने में आनेवाले लागत खर्च में सरकार से अनुदान ईंट भट्ठा मालिकों को मिलना चाहिए. संजय कुमार अध्यक्ष, ईंट भट्ठा मालिक संघ, सारण

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