छपरा (सदर) : बिहार सरकार ने पंचायतों में पेयजल निश्चय योजना के तहत कार्य की खराब गुणवत्ता को देखते हुए जिले की 85 पंचायतों के 581 वार्डों में कार्य कराने का जिम्मा वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंध समिति के बदले पीएचइडी को सौंपने का निर्देश दिया है.
इस संबंध में पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीना के पत्र के बाद डीएम सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी तथा कार्यपालक अभियंता पीएचइडी के द्वारा इस कार्य को लेकर वैसे वार्डों को चिह्नित किया जा रहा है. इनमें वैसी पंचायतों के वार्ड शामिल हैं जहां 28 फरवरी, 2019 तक वार्ड क्रियान्वयन द्वारा राशि प्राप्त करने एवं स्वीकृति के बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है.
इन पंचायतों के जिन वार्डों में राशि मिलने तथा विभागीय स्वीकृति के उपरांत कार्य शुरू हो गया है उन वार्डों में नल जल का कार्य संबंधित वार्ड क्रियान्वयन समिति ही करेगी. जिन वार्डों में पीएचइडी को कार्य करना है उसे लेकर एक मार्च को जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों, पंचायत के मुखिया आदि से जानकारी कर संबंधित वार्डों को पीएचइडी को सौंपने का काम शुरू कर दिया गया है.
मालूम हो कि सात निश्चय के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब तथा कार्य की गुणवत्ता को लेकर ही विभाग के प्रधान सचिव ने यह निर्देश दिया है. अब वैसे वार्डों के वार्ड क्रियान्वयन समिति को कार्य करने पर जहां रोक लग जायेगी वहीं उन वार्डों में पीएचइडी कार्य करायेगा. मालूम हो कि सात निश्चय में ही योजनाओं के क्रियान्वयन में जिले की 323 पंचायतों में पांच सौ से ज्यादा अनियमितता संबंधित शिकायतें जिला पंचायत कार्यालय को मिली है.
उधर जिला पंचायत राज पदाधिकारी राजीव रंजन कुमार सिन्हा से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जिले में वार्ड क्रियान्वयन समिति तथा पीएचइडी दोनों एजेंसियों कार्य कर रही थी. ऐसी स्थिति में एक ही पंचायत में नल-जल के दो अलग-अलग मॉडल हो जा रहे थे. फलत: सरकार ने निर्णय लिया है कि जिले की जिन 85 पंचायतों में पीएचइडी जलापूर्ति का काम पूर्व से कर रहा है वहां अब यदि वार्ड क्रियान्वयन समिति ने कार्य शुरू नहीं किया है तो अब वहां पीएचइडी ही कार्य करायेगा.
