सिस्टम की घोर लापरवाही ने ली जान: न बैरिकेडिंग न लाइट, मौत का कुआं बने निर्माणाधीन पुल में गिरी बाइक

रोसड़ा-शिवाजीनगर पथ पर निर्माणाधीन पुल में बाइक गिरने से एक युवक की मौत हो गई। सुरक्षा में लापरवाही के कारण परिजनों में भारी आक्रोश है।

शिवाजीनगर सड़क हादसा:  समस्तीपुर के रोसड़ा-शिवाजीनगर पथ पर विभागीय लापरवाही और संवेदक की संवेदनहीनता ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया. सड़क चौड़ीकरण के नाम पर खोदे गए गड्ढे और बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के छोड़े गए अधूरे पुल में देर रात बाइक सवार दो युवक सीधे काल के गाल में समा गए. गोसाईं पोखर के पास घटे इस दिल दहला देने वाले हादसे में 25 वर्षीय दीपक कुमार की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका रिश्तेदार जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है. यह महज सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर इंसानी जान से खिलवाड़ करने वाले भ्रष्ट और लापरवाह सिस्टम का खुला अपराध है.

अंधेरे में खुला छोड़ दिया 'मौत का जाल', नहीं था कोई चेतावनी बोर्ड

मृतक दीपक कुमार रोसड़ा थाना क्षेत्र के खनुआ गांव निवासी रामबदन यादव का सबसे छोटा बेटा था और पेशे से बिजली मिस्त्री था. देर रात वह बाइक से अपने रिश्तेदार के साथ शिवाजीनगर से घर लौट रहा था. जैसे ही वे गोसाईं पोखर के समीप पहुंचे, सड़क चौड़ीकरण के तहत बन रहे पुल के खुले गड्ढे में बाइक असंतुलित होकर सीधे नीचे जा गिरी:

  • शून्य सुरक्षा व्यवस्था: न तो वहां कोई बैरिकेडिंग थी, न ही रिफ्लेक्टर या लाल बत्ती जैसी चेतावनी.
  • अंधेरे का फायदा: रात के घुप अंधेरे में दूर से पुल का काम चलने का कोई भी सुराग वाहन चालकों को नहीं मिल पाता.
  • अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम: स्थानीय ग्रामीणों ने चीख-पुकार सुनकर दोनों को गड्ढे से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही दीपक ने दम तोड़ दिया. साथी युवक की हालत नाजुक देखकर डॉक्टरों ने उसे पटना रेफर कर दिया.

विभागीय सुरक्षा मानकों की खुली धज्जियां: नियमों को ताक पर रख चल रहा था काम

सड़क निर्माण और पुल-पुलिया परियोजनाओं के लिए पथ निर्माण विभाग एवं सड़क परिवहन मंत्रालय के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं, जिनकी इस प्रोजेक्ट में पूरी तरह अनदेखी की गई:

  • अनिवार्य रिफ्लेक्टिव बैरिकेडिंग: निर्माण स्थल से कम से कम 50 से 100 मीटर पहले मजबूत बैरिकेड्स और चमकीले डायवर्जन बोर्ड लगाना अनिवार्य है.
  • पर्याप्त लाइटिंग व्यवस्था: रात के समय दूर से दिखाई देने वाली ब्लिंकर लाइट, लाल चेतावनी बत्ती और पर्याप्त हैलोजन रोशनी का होना वैधानिक शर्त है.
  • सुरक्षा गार्ड व फ्लैग मैन: भारी वाहनों या दोपहिया को दिशा दिखाने के लिए रात में सुरक्षा कर्मी की तैनाती होनी चाहिए, जो यहां नदारद थी.

11 माह की मासूम अनाथ, पत्नी व बूढ़ी मां का रो-रोकर बुरा हाल

डेढ़ वर्ष पूर्व ही दीपक का विवाह बेगूसराय के छैराही बखड्डा में हुआ था. उसकी 11 माह की दूधमुंही बच्ची के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया छिन गया. घर में कोहराम मचा हुआ है. पत्नी कोमल और मां शांति देवी बार-बार बेहोश हो रही हैं.

संवेदक पर गैर-इरादतन हत्या के केस की मांग

आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने संवेदक तथा लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. शिवाजीनगर थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर भेज दिया गया है और निर्माण स्थल की तकनीकी जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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By Girija nandan sharma

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