World Elephant Day: मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को विश्व हाथी दिवस मनाया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को हाथियों के पर्यावरणीय महत्व, उनके संरक्षण और जंगल के प्राकृतिक संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गयी. कार्यक्रम की अध्यक्षता एचएम सुभाष कुमार सिंह ने की.
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक सह गंगा प्रहरी संतोष पोद्दार ने किया, जबकि संयोजन भारतीय वन्य जीव संस्थान के प्रोजेक्ट असिस्टेंट कुणाल कुमार सिंह ने किया.
हाथी को बताया जंगल का इंजीनियर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हाथी को जंगल का इंजीनियर कहा जाता है. वे जिस क्षेत्र में रहते हैं, वहां जैव विविधता को बनाए रखने और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
हाथियों के अवैध शिकार के कारण कभी इस सबसे बड़े स्थलीय जीव के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया था. हालांकि, संरक्षण को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के कारण हाथियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है.
जंगल में बीजों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका
वक्ताओं ने बताया कि हाथियों का गोबर जंगल में बीजों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इससे नई वनस्पतियों के उगने में मदद मिलती है और जंगल का पारिस्थितिक संतुलन बना रहता है.
हाथी इंफ्रासाउंड और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से एक-दूसरे से संवाद करते हैं. सामाजिक जीव होने के कारण हाथियों का व्यवहार मिलजुलकर रहने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी देता है.
मादा हाथियों से मिलता है नेतृत्व का संदेश
कार्यक्रम में मादा हाथियों की सामाजिक भूमिका पर भी चर्चा हुई. वक्ताओं ने कहा कि झुंड की अगुवाई में मादा हाथियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इससे नेतृत्व क्षमता और नारी सशक्तीकरण का संदेश मिलता है.
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को हाथियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक किया गया.
मौके पर कंचन कुमारी, रजनी कुमारी, शिवानी सिंह, किट्टू कुमारी, विशाल सिंह, रमन कुमार, मुन्ना कुमार, मोनू, हर्ष, केशव, सौरभ, आकांक्षा, अर्पिता, ऋषिकेश, रोहित, आयुष और रितिका सहित अन्य मौजूद रहे.
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