Breastfeeding Awareness News: समस्तीपुर जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य को लेकर एक सुखद तस्वीर सामने आई है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा लक्षित 85 प्रतिशत माताओं ने शिशु के जन्म के तुरंत बाद (एक घंटे के भीतर) स्तनपान कराया है. जन्म के समय मिलने वाला मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) नवजात के लिए पहला टीका और प्राकृतिक जीवन रक्षक माना जाता है. जिले में वर्ष भर के दौरान 1,41,502 नवजात बच्चों को जन्म के एक घंटे में स्तनपान कराने का लक्ष्य रखा गया था. विभागीय प्रयासों से 80,143 बच्चों को तुरंत स्तनपान कराया गया, जिससे 85.0% की उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है.
शिशु के लिए अमूल्य वरदान है मां का दूध
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सोमेन्दू मुखर्जी ने बताया कि जन्म के तुरंत बाद स्तनपान से बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.
- संक्रमण से बचाव: कोलोस्ट्रम में मौजूद एंटीबॉडीज शिशु को निमोनिया, दस्त और कान के संक्रमण से बचाते हैं.
- सर्वांगीण विकास: मां के दूध में प्रोटीन, विटामिन और वसा का सही संतुलन होता है, जो मस्तिष्क के विकास और सुपाच्य पाचन तंत्र के लिए जरूरी है.
- गंभीर बीमारियों से सुरक्षा: आगे चलकर बच्चे में मोटापा, टाइप-2 मधुमेह और अस्थमा का खतरा कम रहता है.
माताओं के स्वास्थ्य के लिए भी है बेहद फायदेमंद
स्तनपान कराने से न केवल शिशु, बल्कि मां को भी कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं.
- कैंसर का खतरा कम: स्तन कैंसर और ओवरी के कैंसर का जोखिम काफी हद तक घट जाता है.
- तेजी से रिकवरी: ऑक्सिटोसिन हार्मोन रिलीज होने से गर्भाशय सामान्य आकार में आता है और प्रसव के बाद ब्लीडिंग कम होती है.
- वजन नियंत्रण व डिप्रेशन से बचाव: अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है और पोस्टपार्टम डिप्रेशन का खतरा कम होता है.
