Samastipur News: मोरवा प्रखंड अंतर्गत हरपुर भिंडी पंचायत स्थित मध्य विद्यालय एतवारी पेठिया में मध्याह्न भोजन (MDM) की गुणवत्ता और प्रबंधन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों को सरकार द्वारा निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक भोजन नहीं दिया जाता है. भोजन की गुणवत्ता इतनी दयनीय है कि कई बार नौनिहालों को सिर्फ चावल और पतले दाल के पानी के सहारे ही अपना पेट भरना पड़ता है. इस स्थिति को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
दाल के पानी से पेट भरते हैं मासूम, रसोइया ने खोली पोल
स्थानीय लोगों के अनुसार, विद्यालय में बच्चों को पौष्टिक और भरपेट भोजन देने के सरकारी दावों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.
जब इस संबंध में विद्यालय की रसोइया से पूछताछ की गई, तो उसने साफ कहा कि प्रधानाध्यापक द्वारा खाना बनाने के लिए जो राशन व सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, वे उसी के अनुसार खाना तैयार करती हैं. रसोइया के इस बयान के बाद विद्यालय में मध्याह्न भोजन मद में मिलने वाली सामग्री और सरकारी राशि के सदुपयोग को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.
उपस्थिति में हेराफेरी और स्वच्छता के अभाव का गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने विद्यालय प्रशासन पर बच्चों की वास्तविक उपस्थिति और मध्याह्न भोजन पंजी (अभिलेख) में दर्ज आंकड़ों में भारी हेरफेर करने का भी आरोप लगाया है.
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में वास्तविक रूप से बच्चों की उपस्थिति काफी कम रहती है, लेकिन एमडीएम रजिस्टर में अधिक बच्चों की हाजिरी दर्ज कर फर्जीवाड़ा किया जाता है. इसके अलावा, विद्यालय में बच्चों को बिना हाथ धुलाए और बिना पीने के पानी की उचित व्यवस्था किए सीधे जमीन पर बैठाकर खाना परोसा जाता है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
हेडमास्टर ने आरोपों को नकारा, कहा- दाल के लिए कुकर नहीं मिला
इधर, पूरे मामले पर विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका (एचएम) गीता यादव ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर उठ रहे सभी सवालों को सिरे से खारिज किया है.
उन्होंने भोजन को पूरी तरह बेहतर बताया और दाल पतली होने के सवाल पर अजीब दलील देते हुए कहा कि विभाग की ओर से विद्यालय को दाल पकाने के लिए कुकर उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिस कारण खुले बर्तन में बनाने से दाल में पानी अधिक रहने की समस्या आती है. वहीं, ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.
