मंडल कारा में विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान हुई मौत

सदर अस्पताल में इलाजरत स्थानीय मंडल कारा के एक विचाराधीन बंदी की बुधवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई.

समस्तीपुर: सदर अस्पताल में इलाजरत स्थानीय मंडल कारा के एक विचाराधीन बंदी की बुधवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के काशीपुर वार्ड 5 निवासी स्व. शिवजी प्रसाद गुप्ता के 55 वर्षीय पुत्र मनोज कुमार गुप्ता के रुप में बताई गई है. गुरुवार को सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी राजकिशोर शर्मा की देखरेख में तीन सदस्यीय मेडिकल टीम के द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया. इस दौरान मौके पर मंडल कारा के पदाधिकारी व मृतक के परिजन भी वहां मौजूद रहे. घटना के संबंध में मंडल कारा प्रशासन द्वारा दी गई.

सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी व तीन सदस्यीय मेडिकल टीम की देखरेख में शव का कराया गया पोस्टमार्टम

जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब साढे बारह बजे मंडल कारा में विधाराधीन बंदी मनोज कुमार गुप्ता को अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई. सुरक्षा कर्मियों के सहयोग से मंडल कारा अस्पताल में तत्काल प्राथमिक उपचार कराया और आनन फानन में एंबुलेंस से सदर अस्पताल पहुंचाया. सदर अस्पताल में रात करीब 9 बजकर 50 मिनट में इलाज के दौरान मौत हो गई. कारा प्रशासन द्वारा तत्काल मृतक के परिजनों को तत्काल घटना की जानकारी दी गई. मंडल काराधीक्षक प्रशांत ओझा ने मामले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि 15 फरवरी को न्यायालय के वारंट पर नगर पुलिस ने मनोज कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी पूनम गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. नगर थानाध्यक्ष शिवकुमार यादव ने बताया कि सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कारणों का पता चलेगा.

छोटे भाई से था विवाद

नगर थाना क्षेत्र के काशीपुर वार्ड 34 निवासी 55 वर्षीय मनोज कुमार गुप्ता अपने मकान में किराना की दुकान संचालित करते थे. परिजनों ने बताया कि पिछले कई साल से मनोज गुप्ता और उनके छोटे भाई चंद्रशेखर उर्फ मुन्ना के बीच जमीन का विवाद चल रहा था. वर्ष 2016 में चंद्रशेखर उर्फ मुन्ना ने अपने बड़े मनोज गुप्ता और उनकी पत्नी पूनम देवी के खिलाफ जमीन के विवाद में मारपीट से संबंधित व्यवहार न्यायालय में मुकदमा किया, जो विचाराधीन है. हाल ही में न्यायालय से सीआर 1244/16 में मनोज और उनकी पत्नी पूनम के खिलाफ वारंट निर्गत हुआ. बीते 15 फरवरी को नगर पुलिस ने वारंट का तामिला करते हुए मनोज और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. मृतक के पुत्र अंकित कुमार ने बताया कि उसके पिता मनोज कुमार गुप्ता बिल्कुल स्वस्थ थे. पहले से काेई बीमारी नहीं थी. अचानक इस घटना से परिवार के लोग हतप्रभ हैं.

पति का शव देख बिलख पड़ी पत्नी, पंद्रह दिनों का मिला पैरोल

सदर अस्पताल में इलाजरत मंडल कारा के विचाराधीन बंदी मनोज गुप्ता की मौत के बाद गुरुवार को उनकी पत्नी पूनम गुप्ता को पंद्रह दिनों के पैरोल पर जेल से बाहर निकाला गया है. इसके लिए न्यायालय में अर्जी दी गई थी. शुक्रवार को सदर अस्पताल में पति का शव देखते ही पूनम बिलख पड़ी. आसपास के लोग व रिश्तेदार उसे ढाढस दे रहे थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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