बच्ची अपहरण बरामदगी: समस्तीपुर जिले के बंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोठिया गांव के सरवरगंज टोला से इलाज कराने के बहाने अगवा की गई दो माह की बच्ची वैष्णवी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 6 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है. इस मामले में पुलिस ने फर्जी महिला आयोग अध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाली मुख्य आरोपित महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.
झांसा देकर बोलेरो से ले गई थी महिला
पीड़िता पुतुल देवी (पति रमेश साह) ने बताया कि रविवार दोपहर पड़ोस की सुमन कुमारी ने एक बच्चे के जरिए संदेश भेजा कि महिला आयोग की एक अधिकारी आई हैं, जो बच्ची का मुफ्त इलाज करा देंगी. पुतुल देवी जब बच्ची को लेकर पहुंचीं, तो आरोपित उन्हें बोलेरो में बैठाकर समस्तीपुर के मोहनपुर ले गए. वहां पुतुल देवी को चकमा देकर आरोपित बच्ची को लेकर फरार हो गए और बोलेरो चालक भी मौके से गाड़ी लेकर निकल गया.
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी और बरामदगी:
- त्वरित सूचना: परिजनों ने रविवार रात 9 बजे बंगरा थानाध्यक्ष पंचम कुमार को पूरे मामले की लिखित जानकारी दी.
- कड़ियों की तलाश: पुलिस ने सबसे पहले सूचना देने वाली पड़ोसी महिला सुमन कुमारी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की.
- आरोपितों की धरपकड़: सुमन से मिली जानकारी के आधार पर उजियारपुर के महिसारी गांव में दबिश देकर ज्योति सिंह (पति मुकेश कुमार) को पकड़ा गया.
- सकुशल बरामदगी: ज्योति से पूछताछ के बाद पुलिस ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर में अमरजीत कुमार शर्मा के ठिकाने पर तड़के 3 बजे छापेमारी की, जहां से बच्ची सुरक्षित मिल गई.
फर्जी पहचान बताकर चला रही थी गिरोह
थानाध्यक्ष ने बताया कि हिरासत में ली गई ज्योति सिंह खुद को महिला आयोग की जिलाध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता बताकर लोगों को ठगने का काम करती थी. पुलिस तीनों आरोपितों को जेल भेजने की प्रक्रिया में जुटी है.
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