Samastipur : प्रबंधन व प्राकृतिक खेती में भी मानव संसाधन विकसित करने की जरूरत : कुलपति

कुलपति डा पुण्यव्रत सुविमलेंदु पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय आज गौरवान्वित महसूस कर रहा है.

पूसा . केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित चतुर्थ दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलपति डा पुण्यव्रत सुविमलेंदु पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय आज गौरवान्वित महसूस कर रहा है. नई ऊर्जा का संचार हो रहा है. विश्वविद्यालय आठ महाविद्यालय 14 अनुसंधान केंद्र एवं 16 कृषि विज्ञान केंद्र को समेटे हुए है. इसके अलावा 10 स्नातक 28 स्नाकोत्तर एवं 16 पीएचडी कार्यक्रमों को संचालित कर रहा है. विश्वविद्यालय कृषि के साथ-साथ उद्यान की वानिकी सामुदायिक विज्ञान मत्स्य की विज्ञान कृषि अभियंत्रण एवं प्रौद्योगिकी कृषि व्यवसाय एवं ग्रामीण प्रबंधन प्राकृतिक खेती आदि क्षेत्रों में भी मानव संसाधन विकसित किया जा रहा है. गत 9 वर्षों में फसलों के 27 नवीनतम किस्म 27 नवीनतम कृषि तकनीक सहित पेटेंट एवं मरचा धान का टैग हासिल किया है. कुलपति ने कहा कि छात्रों के लिए दीक्षा आरंभ कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय परंपरा की संस्कृति और देश प्रथम के प्रति समर्पण को जागृत करता है. प्राकृतिक खेती की महत्ता को समझते हुए विश्वविद्यालय ने स्कूल ऑफ नेचुरल फार्मिंग की स्थापना की है. फरवरी 2025 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत मोतिहारी में स्थापित पशु प्रजनन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया गया है. बिहार में 40000 मेट्रिक टन से अधिक मशरूम पैदा किया जा रहा है. अब तक 350 से अधिक ड्रोन पायलट प्रशिक्षित किये गये हैं. इसमें 35 नमो ड्रोन दीदी शामिल हैं.

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By ABHAY KUMAR

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