Education news from Samastipur:पूसा : राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद महेंद्रु पटना के तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट के सभागार में दूसरे दिन परख 2024 के परिणाम के ऊपर चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या डॉ श्वेता सोनाली ने कहा कि यह केवल रटने की बजाय योग्यता-आधारित मूल्यांकन पर केंद्रित है. नई शिक्षा पद्धति 2020 पर आधारित है जो बच्चों की क्षमताओं का 360 डिग्री आकलन करता है. डेटा-संचालित सुधार सर्वेक्षण के निष्कर्ष राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर शिक्षा नीतियों और योजनाओं को आकार देने में मदद करते हैं. जिससे सार्थक सुधार किये जा सकें. शैक्षिक असमानता को उजागर करने की जरूरत है. यह विभिन्न सामाजिक-आर्थिक समूहों और सरकारी बनाम निजी स्कूलों के बीच सीखने के अंतर को दिखाता है. जिससे लक्षित हस्तक्षेपों की आवश्यकता पता चलती है. चर्चा के इस सत्र में मोहिउद्दीननगर, मोरवा , पटोरी, पूसा, रोसड़ा, समस्तीपुर, सरायरंजन प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं संकुल के नामित शिक्षकों ने भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत आयोजन सचिव डॉ मानविता कुमारी ने परिचय सत्र से किया. इसमें डॉ. रूबी कुमारी एवं मानवीता कुमारी ने अपना व्याख्यान दिया. परिचर्चा की. इस अवसर पर संस्थान के व्याख्याता अनिल कुमार सिंह, डॉ अनिल पाठक, मयूराक्षी मृणाल, पंडित विनय कुमार, सुरेश कुमार, शिव किशोर, कुमार आदित्य, यशवन्त कुमार शर्मा, संयोग कुमार प्रेमी, दीनानाथ राय, मो. रिजवान सहित अन्य मौजूद थे.
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