Paperless registry protest: समस्तीपुर जिले के रोसड़ा में बिहार सरकार की ओर से 17 अगस्त से लागू की गई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज नवीस संघ रोसड़ा एवं मुद्रांक विक्रेताओं का अनिश्चितकालीन असहयोग आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा. गुरुवार को दस्तावेज नवीसों एवं मुद्रांक विक्रेताओं ने निबंधन कार्यालय परिसर में जोरदार नारेबाजी कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही.
Samastipur News: दस्तावेज नवीसों और मुद्रांक विक्रेताओं की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था में दस्तावेज नवीस के हस्ताक्षर व प्रारूप को निबंधन प्रक्रिया से पूरी तरह अलग कर दिया गया है. इसके अलावा निबंधन के लिए आवश्यक स्टांप एवं शुल्क की जिम्मेदारी भी दस्तावेज नवीसों को सौंपी गई है, जिसे संघ ने पूरी तरह अनुचित बताया है. संघ के अनुसार दस्तावेजों का डिजिटल आईडी भी अब तक तैयार नहीं किया गया है, जिससे नई व्यवस्था के क्रियान्वयन में गंभीर व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं.
निबंधन कार्य ठप, कार्यालय की कार्यप्रणाली प्रभावित
संघ का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर शासन-प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे निबंधन कार्य में अपना असहयोग जारी रखेंगे. इस लगातार चल रहे आंदोलन के कारण रोसड़ा निबंधन कार्यालय की दैनिक कार्यप्रणाली पर भी गहरा असर पड़ रहा है, जिससे जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचे आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
प्रशासनिक पक्ष और मौके पर मौजूद प्रमुख लोग
इस संबंध में अवर निबंधन पदाधिकारी रोसड़ा डॉ भास्कर ज्योति ने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से भविष्य में लोगों को जमीन एवं अन्य दस्तावेजों के निबंधन में काफी आसानी होगी. नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य निबंधन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी व सुविधाजनक बनाना है. मौके पर संघ के अध्यक्ष सदाशिव प्रसाद कर्ण, सचिव शंभू यादव, उप सचिव रामचंद्र झा, गोपी रमण लाल, मदनेश्वर मुखिया, सुबोध कुमार कर्ण, शशि प्रसाद लाल, निरंजन कुमार, अशफाक खां अहमद, सुरेंद्र ठाकुर, नरेश शाह, राजा राम सिंह, मिथिलेश सिंह, सूर्यदेव सिंह सहित मुद्रांक विक्रेता रामनाथ प्रसाद, नूनू लाल शाह, गिरीश चंद्र झा, संतोष कुमार, वरुण कुमार, केशव लाल कर्ण, मो. जहांगीर, मो. कादिर आदि मौजूद रहे.
