स्कूलों में गैस की आपूर्ति ठप, लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा बच्चों का मध्याह्न भोजन

सरकारी स्कूलों में पिछले कई महीनों से गैस की आपूर्ति ठप है, जिससे बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं. रसोइयों को भीषण गर्मी में लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाना पड़ रहा है, जिससे भोजन की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है.

MDM News: प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए गैस की आपूर्ति पिछले कई महीनों से ठप रहने के कारण परेशानी बढ़ गयी है. गैस उपलब्ध नहीं होने से कई स्कूलों में रसोइयों को भीषण गर्मी के बीच लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाना पड़ रहा है. इससे रसोइयों को जहां काफी परेशानी हो रही है, वहीं धुएं के कारण भोजन की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है.

धुएं और गर्मी के बीच खाना बनाने को मजबूर रसोइयां

रसोइयों का कहना है कि गर्मी के मौसम में लकड़ी जलाकर खाना बनाना बेहद मुश्किल हो गया है. चूल्हे से निकलने वाले धुएं और तेज गर्मी के बीच घंटों काम करने से स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है. इसके बावजूद बच्चों के लिए निर्धारित समय पर भोजन तैयार करना पड़ता है.

विद्यालय के शिक्षक महेश कुमार, नरेश कुमार सिंह, अजय कुमार और अभिनंदन कुमार ने बताया कि लगातार गैस की आपूर्ति बंद रहने से भोजन तैयार करने में देरी होती है. इसका सीधा असर बच्चों को समय पर मध्याह्न भोजन परोसने पर पड़ रहा है.

19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर होंगे वापस

बताया जाता है कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत वर्ष 2014-15 में विद्यालयों को 19 किलो क्षमता वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए गए थे. बाद में स्कूलों में घरेलू एलपीजी कनेक्शन की सुविधा शुरू होने के बाद इन कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल धीरे-धीरे बंद हो गया.

अब विभाग की ओर से स्कूलों में अनुपयोगी पड़े व्यावसायिक सिलेंडरों को संबंधित गैस एजेंसियों को वापस करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए पदाधिकारियों को स्कूलों की पहचान कर गैस एजेंसियों से समन्वय स्थापित करने और सिलेंडर वापस कराने का निर्देश दिया गया है.

जिन स्कूलों में कनेक्शन नहीं, वहां मिलेगा घरेलू गैस कनेक्शन

विभागीय व्यवस्था के अनुसार जिन विद्यालयों में अभी तक एलपीजी की सुविधा नहीं पहुंची है, वहां घरेलू गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए यदि किसी विद्यालय को राशि की जरूरत है तो स्कूलवार विवरण के साथ प्रस्ताव भेजने को कहा गया है.

हालांकि, नई व्यवस्था लागू होने तक कई विद्यालयों में खाना पकाने की समस्या बनी रहने की आशंका है. अभिभावकों और विद्यालय कर्मियों ने संबंधित विभाग से जल्द गैस की आपूर्ति बहाल करने अथवा वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि रसोइयों को राहत मिले और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन समय पर उपलब्ध कराया जा सके.

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By Manoj kumar verma

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