डीबीकेएन कॉलेज सेमिनार: विभूतिपुर प्रखंड स्थित डीबीकेएन कॉलेज, नरहन में संस्कृत सप्ताह के उपलक्ष्य में संस्कृत विभाग और अंग्रेजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय विशेष सेमिनार व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. सेमिनार का मुख्य विषय 'भारतीय ज्ञान प्रणाली में संस्कृत का योगदान' और 'द रोल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन इंग्लिश कम्युनिकेशन स्किल' रहा. कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसके बाद छात्राओं ने हिंदी व संस्कृत भाषा में मधुर स्वागत गान प्रस्तुत किया.
संस्कृत भारत की बौद्धिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक धरोहर: प्राध्यापिका रेणु
संस्कृत विभाग की प्राध्यापिका रेणु कुमारी ने विषय प्रवेश कराते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा में संस्कृत की महत्ता को रेखांकित किया:
- संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत के दर्शन, विज्ञान, गणित और समृद्ध संस्कृति की अमूल्य धरोहर है.
- यह भाषा ज्ञान प्रणाली की मुख्य संवाहिका है, जिसके रस, छंद और अलंकार आज भी कला और चिंतन को गहराई प्रदान करते हैं.
- वहीं भूगोल विभाग के डॉ. लक्ष्मीकांत ने बताया कि खगोल, चिकित्साशास्त्र, अर्थशास्त्र और तकनीकी क्षेत्रों में संस्कृत साहित्य का अकूत भंडार मौजूद है.
अंग्रेजी संवाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता पर चर्चा
अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु चौधरी ने आधुनिक युग में अंग्रेजी और तकनीक के तालमेल पर प्रकाश डाला:
- अंग्रेजी को वैश्विक संपर्क की अनिवार्य भाषा बताते हुए उन्होंने भाषाई कौशल निखारने पर जोर दिया.
- उन्होंने अंग्रेजी संवाद क्षमता (कम्युनिकेशन स्किल) को बेहतर बनाने के लिए एआई (AI) टूल्स का बुद्धिमानी और रचनात्मकता से उपयोग करने की सलाह दी.
प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं रहे मौजूद
कार्यक्रम का कुशल संचालन केशव झा ने किया. इस अवसर पर डॉ. सुमित कुमार, डॉ. कनकलता, डॉ. एस.एस. दिवेद, डॉ. अजय कुमार, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. सुजीत कुमार उपस्थित रहे. इसके अलावा सोनू, अभिषेक, शिवम, चंचल, धीरज, आदित्य, अनुपम, सोनी, सोनम, सोनाली, वर्षा सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
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