Samastipur News:समस्तीपुर जिले के पूसा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहम्मदपुर कोआरी में नकली डीएपी (DAP) खाद पाए जाने की खबर से किसानों के बीच सनसनी फैल गई है. अच्छी फसल की उम्मीद में महंगे दामों पर खाद खरीदने वाले किसानों के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है. इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही कृषि विभाग के आला अधिकारियों को सूचित किया.
पैकेट के डिजाइन और रंग ने बढ़ाया शक, खेत में नहीं गली खाद
सूचना मिलते ही अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक और अन्य अधिकारियों की टीम ओईनी स्थित बिस्कोमान भवन पहुंची और मामले की गहन पड़तालकी. शिकायतकर्ता किसानों ने अधिकारियों को बताया कि प्रथम दृष्टया डीएपी के पैकेट पर लिखी गई लिखावट, उसकी डिजाइन और खाद के रंग को लेकर गहरा संदेह उत्पन्न हुआ. जब इस खाद को खेतों में छिड़का गया और वह काफी समय बाद भी नहीं गली, तो नकली खाद होने के संदेह को और बल मिल गया. किसानों ने इस पर भारी नाराजगी जताई है.
बिस्कोमान निदेशक का दावा, जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
दूसरी ओर, नकली खाद की खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे बिस्कोमान के निदेशक राम कलेवर सिंह ने किसानों के आरोपों पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि रैक प्वाइंट से सीधे गोदाम तक खाद पहुंचती है, इसलिए बीच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की लेश मात्र भी गुंजाइश नहीं है. हालांकि, किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खाद के नमूने (सैंपल) को गुणवत्ता परीक्षण केंद्र भेजा जा रहा है. यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है, तो दोषियों को चिह्नित कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
आर्थिक नुकसान की आशंका, मौके पर जुटे अधिकारी
श्याम कुमार चौधरी ने कहा कि किसान अच्छी फसल के लिए डीएपी का प्रयोग करते हैं. नकली खाद से उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान होगा. मौके पर मौजूद एसएओ प्रमोद सहनी ने गोदाम से संदिग्ध पैकेट का विधिवत नमूना संग्रह किया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया. इस दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारी शेखर कुमार मधुकर, सहकारिता पदाधिकारी राजीव नयन और किसान लाल बाबू सिंह, पंकज सिंह सहित कई लोग मौजूद थे.
पूसा से सुभाष चंद्र कुमार की रिपोर्ट
