Samastipur News: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किया गया ई-शिक्षाकोष’ पोर्टल अब लापरवाह शिक्षकों के लिए गले की हड्डी बन गया है. समस्तीपुर जिले में तकनीक ने शिक्षकों के एक बड़े खेल का पर्दाफाश किया है. जिले के 11 शिक्षक स्कूल से 100 किलोमीटर से भी अधिक की दूरी पर बैठकर ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे, जिन्हें डीईओ ने रंगे हाथों पकड़ा है.
तकनीक ने पकड़ी शिक्षकों की चोरी
जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कामेश्वर प्रसाद गुप्ता द्वारा 6 मई 2026 को पोर्टल की समीक्षा की गई. जांच में जीपीएस डेटा से पता चला कि 11 शिक्षकों ने अलग-अलग तिथियों में अपनी हाजिरी स्कूल के बजाय दूसरे लोकेशन से बनाई थी. ऐप के डेटा से स्पष्ट हुआ कि उपस्थिति दर्ज करते समय इन शिक्षकों की लोकेशन स्कूल से 100 किमी से भी ज्यादा दूर थी. विभाग ने इसे फर्जी उपस्थिति और स्वेच्छाचारिता का गंभीर मामला माना है.
तीन दिनों में माँगा गया स्पष्टीकरण
डीईओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन सभी शिक्षकों से तीन दिनों के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सरकार वेतन बच्चों को पढ़ाने के लिए देती है, न कि तकनीक का दुरुपयोग कर घर बैठे फर्जी हाजिरी बनाने के लिए.
कार्रवाई की जद में आए शिक्षक:
दिनेश कुमार गिरी (पटोरी), अनुप निरंजन (पटोरी), पवन कुमार (विभूतिपुर), आनंद कुमार (हसनपुर)
रंजना कुमारी (हसनपुर), मनीष कुमार यादव (शिवाजीनगर), जितेन्द्र कुमार (विभूतिपुर)
सुदिप्ता दास (हसनपुर), सिकन्दर कुमार (हसनपुर), चन्द्रशेखर रजक (शिवाजीनगर) और राम प्रकाश कुमार (हसनपुर) .
समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट
