Samastipur News: पुलिस का 'अजब-गजब' कारनामा: जीवित महिला को रिपोर्ट में बताया मृत, हाईकोर्ट ने एसपी और थानेदार को किया तलब

Samastipur News: समस्तीपुर पुलिस ने जीवित महिला को मृत बताकर हाईकोर्ट में गलत रिपोर्ट सौंपी. महिला के अदालत में हाजिर होने पर सच आया सामने. हाईकोर्ट ने एसपी और ताजपुर थानाध्यक्ष से जवाब तलब कर अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी दी है...

Samastipur News: समस्तीपुर जिला पुलिस की एक ऐसी चूक सामने आई है जिसने न्याय व्यवस्था को भी हैरान कर दिया है. ताजपुर थाने की पुलिस ने एक जीवित महिला को अपनी कागजी रिपोर्ट में ‘मृत’ घोषित कर दिया. इस गलत रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने महिला की अपील तक बंद कर दी थी. लेकिन जब महिला खुद कोर्ट के सामने ‘जीवित’ खड़ी हुई, तो हड़कंपमच गया.

आधार और पैन कार्ड लेकर कोर्ट पहुंची ‘मृत’ महिला

मामला सकली देवी से जुड़ाहै. पुलिस की गलत रिपोर्ट के आधार पर 13 मार्च को हाईकोर्ट ने उनकी अपील को यह मानकर समाप्त कर दिया था कि उनकी मृत्यु हो चुकी है. इसके बाद सकली देवी ने अदालत में आवेदन देकर सबको चौंका दिया. उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और पंचायत द्वारा जारी जीवित प्रमाण पत्र पेश कर साबित किया कि वे पूरी तरह स्वस्थ और जीवित हैं.

एसपी और थानेदार पर अवमानना की तलवार

महिला के जीवित होने की पुष्टि होने के बाद पटना हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए समस्तीपुर एसपी अरविंद प्रताप सिंह और ताजपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने स्वीकार किया कि पिछली रिपोर्ट गलत थी. कोर्ट ने अब दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया है और पूछा है कि उन पर अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए.

293 लंबित रिपोर्ट पर हाईकोर्ट की फटकार

अदालत ने केवल इस मामले में ही नहीं, बल्कि समस्तीपुर पुलिस की कार्यशैली पर भी टिप्पणी की. कोर्ट ने 293 लंबित पुलिस रिपोर्टों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें 11 मई तक जमा करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है. मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होनी तय है. फिलहाल इस मामले को लेकर जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.

समस्तीपुर से अंकुर कुमार की रिपोर्ट

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By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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