समस्तीपुर: मोरवा में पानी के बिना बेकार हुए करोड़ों के सामुदायिक शौचालय, जांच के घेरे में अधिकारी

Samastipur News: मोरवा प्रखंड में ₹1.06 करोड़ की लागत से बने सामुदायिक शौचालय पानी के अभाव में बेकार हो गए हैं. बिना उचित रख-रखाव और जल व्यवस्था के 18 पंचायतों में बनी ये इमारतें अब बदहाल हैं, जिससे लोग खुले में शौच के लिए मजबूर हैं. पढ़ें पूरी खबर…

Samastipur News:  बिहार के समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है. प्रखंड की 18 पंचायतों में करीब 1 करोड़ 6 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण तो कराया गया, लेकिन बेहतर रोडमैप की कमी के कारण ये सफेद हाथी साबित हो रहे हैं. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का आलम यह है कि इन्द्रवारा पंचायत के चकलालशाही समेत पूरे क्षेत्र के शौचालय आज बदहाली के आंसू रो रहे हैं.

​योजना में बड़ी चूक: शौचालय बने पर पानी का इंतजाम नहीं

​हैरानी की बात यह है कि निर्माण के समय पानी की उपलब्धता जैसे बुनियादी ढांचे पर ध्यान नहीं दिया गया. बिना पानी के ये शौचालय बनने के महज एक-दो महीने के भीतर ही अनुपयोगी हो गए. स्थानीय लोगों का आरोप है कि रख-रखाव के लिए किसी की जवाबदेही तय नहीं की गई, जिससे सरकारी पैसा पानी में मिल गया. एक तरफ सरकार खुले में शौच मुक्त (ODF) का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों के ये शौचालय जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो रहे हैं.

​जांच का मिला आश्वासन

​इस गंभीर लापरवाही पर प्रखंड प्रमुख सान्या नेहा ने कहा कि तकनीकी सहायकों और पंचायत कर्मियों को निर्माण से पहले उपयोगिता पर ध्यान देना चाहिए था. बिना पानी के शौचालय बनाना तर्कसंगत नहीं है. उन्होंने मामले की छानबीन कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. अब देखना यह है कि क्या ये शौचालय कभी शुरू हो पाएंगे या जनता की गाढ़ी कमाई ऐसे ही बर्बाद होती रहेगी.

समस्तीपुर के मोरबा से मनोज वर्मा की रिपोर्ट

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सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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