Samastipur News: मोहिउद्दीननगर प्रखंड के राजाजान में बुधवार से जीविका दीदियों के लिए 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई. इस प्रशिक्षण का मकसद ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया.
दीप जलाकर हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, समस्तीपुर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जीविका दीदियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. मौके पर मौजूद प्रशिक्षकों ने महिलाओं को मशरूम उत्पादन के व्यवसाय से जुड़ी बारीकियों की जानकारी दी.
कम लागत में बेहतर कमाई का मंत्र
संकाय सदस्य बिट्टू भारती ने बताया कि मशरूम की खेती कम खर्च में शुरू की जा सकती है और इससे अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है. प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया, जरूरी सामग्री, बाजार की मांग और रोजगार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से समझाया गया.
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
प्रशिक्षक राजेश कुमार और जेआरपी जय शंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने महिलाओं को मशरूम की अलग-अलग प्रजातियों की खेती और बाजार की जरूरत के हिसाब से उत्पादन करने की सलाह दी.
सरकारी योजनाओं और लोन की दी जानकारी
कार्यक्रम में महिलाओं को सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं और बैंक से मिलने वाले ऋण की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया. मौके पर नीतू कुमारी, पूनम कुमारी, कंचन कुमारी, रीमा देवी, निर्मला कुमारी, ममता देवी, इंदु देवी, आरती कुमारी और पूजा कुमारी समेत कई महिलाएं मौजूद रहीं.
