समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट
Samastipur News: समस्तीपुर जिले में बेटियों की हिफाजत और उनकी शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखने के लिए बिहार राज्य बाल संरक्षण आयोग ने काफी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. आयोग के सदस्य डॉ. सुग्रीव दास ने अचानक जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पहुंचकर पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया.
डॉ. दास ने समस्तीपुर स्थित टाइप-4 और कल्याणपुर के टाइप-1 कस्तूरबा विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सिर्फ कागजी व्यवस्था नहीं देखी, बल्कि छात्राओं के बीच जाकर उनसे सीधा और बेहद आत्मीय संवाद किया. उन्होंने बालिकाओं के अंदर आत्मविश्वास भरते हुए सफलता का मंत्र दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह सबसे बड़ी ताकत है, जिसके जरिए वे अपने अधिकारों की रक्षा कर सकती हैं और समाज में अपना एक नया मुकाम बना सकती हैं.
लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की चेतावनी
इस कड़े निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया गया. डॉ. सुग्रीव दास ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि बालिकाओं की सुरक्षा, गरिमा और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं में रत्ती भर भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मौके पर मौजूद जिला जेंडर समन्वयक सुजीत कुमार, समस्तीपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रितेश कुमार और कल्याणपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को तत्काल कई अहम निर्देश दिए गए.
अधिकारियों को मंच पर मिले ये सख्त आदेश:
- विद्यालय में रहने वाली छात्राओं को निर्धारित मीनू के हिसाब से ही पौष्टिक भोजन परोसा जाए.
- परिसर में साफ-सफाई और बच्चियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी सभी सुविधाओं को हर हाल में चुस्त-दुरुस्त रखा जाए.
- शिक्षा विभाग के अधिकारी अब अपने दफ्तरों से निकलकर नियमित रूप से इन विद्यालयों की मॉनिटरिंग करेंगे.
आयोग के इस अचानक हुए ताबड़तोड़ दौरे और सख्त तेवर ने स्पष्ट कर दिया है कि बालिका शिक्षा और सुरक्षा के मामले में अब किसी भी स्तर की प्रशासनिक ढिलाई नहीं चलने वाली है. इस औचक निरीक्षण के बाद पूरे शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है.
