Samastipur News: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के निर्माण में लापरवाही बरतने वाली कंपनियों पर गाज गिरी है. तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा नहीं करने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने 31 कंस्ट्रक्शन कंपनियों को ‘डीबार’ (प्रतिबंधित) कर दिया है. इस कार्रवाई में सरायरंजन स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज अस्पताल जैसी बड़ी परियोजना का निर्माण कर रही एजेंसी भी शामिल है.
709 करोड़ का मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट भी प्रभावित
सबसे बड़ी कार्रवाई उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड पर हुई है. इस कंपनी ने सरायरंजन में मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनाने के लिए 496.37 करोड़ का एग्रीमेंट किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 709 करोड़ किया गया. कंपनी को 29 अप्रैल 2023 तक काम पूरा करना था, लेकिन समय विस्तार के बावजूद काम अधूरा रहने पर BMSICL ने इसे डीबार कर दिया है.
कल्याणपुर और वारिसनगर के प्रोजेक्ट्स भी अधूरे
कई प्रखंडों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC) और एपीएचसी (APHC) का निर्माण कार्य अधर में लटका है. जेडीएम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है.
बघला, पकड़ी और रामभद्रपुर: यहाँ HWC निर्माण का मात्र 28% काम पूरा हुआ है.
चकमेहसी: यहाँ एपीएचसी का केवल 55% काम हुआ है.
लखनपट्टी: यहाँ सबसे कम मात्र 25% निर्माण कार्य हुआ है.
वारिसनगर (नागरबस्ती): यहाँ 68% काम के बाद कंपनी को डीबार किया गया है.
विभाग की इस सख्त कार्रवाई से उन संवेदकों में हड़कंप मच गया है जो सरकारी परियोजनाओं को लटकाए हुए थे. अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्माण में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
समस्तीपुर से गिरिजानंदन की रिपोर्ट
