निजी नलकूप समस्तीपुर: बिहार सरकार द्वारा किसानों को सिंचाई के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित 'मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना' के तहत समस्तीपुर जिले ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. समस्तीपुर प्रमंडल द्वारा योजना के निर्धारित लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल होने के बाद विभाग ने जिले के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल को फिलहाल बंद कर दिया है. योजना के सफल क्रियान्वयन से प्रमंडल की 7,150 हेक्टेयर कृषि भूमि को सुचारू सिंचाई सुविधा मिल चुकी है.
तीन श्रेणियों में मिली नलकूप की सुविधा
किसानों के खेतों की भौगोलिक स्थिति और भूजल स्तर को देखते हुए नलकूपों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. अनुदान की पूरी राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी गई है.
- शैलो नलकूप: 70 मीटर तक की गहराई के लिए स्थापित किए गए हैं.
- मीडियम नलकूप: 100 मीटर तक की गहराई वाले नलकूप शामिल हैं.
- डीप नलकूप: 100 मीटर से अधिक गहराई के लिए लगाए गए हैं.
वर्गानुसार सब्सिडी और आगामी आवेदन की पात्रता
नए वित्तीय वर्ष में पोर्टल दोबारा खुलने पर इच्छुक किसान जल संसाधन विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे. इसके लिए आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना और न्यूनतम 0.40 एकड़ (40 डिसमिल) कृषि योग्य भूमि होना अनिवार्य है.
- सामान्य वर्ग: नलकूप बोरिंग और पंपसेट पर 50% तक अनुदान.
- अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी): लागत पर 70% तक अनुदान.
- अनुसूचित जाति / जनजाति (एससी-एसटी): किसानों को 80% तक अनुदान.
- आवश्यक दस्तावेज: जमीन की अद्यतन रसीद या एलपीसी, पहचान प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र और फोटो.
ये भी पढ़ें: संजुला हत्याकांड में तीन दिन बाद प्राथमिकी दर्ज, पति व सास-ससुर समेत चार नामजद आरोपी फरार
