स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी सरस्वती देवी का 102 वर्ष की उम्र में निधन, तिरंगे से हुआ सम्मान

रोसड़ा के प्रभु ठाकुर फुलवरिया निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामेश्वर नायक की पत्नी सरस्वती देवी का 102 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने से निधन हो गया. प्रशासन ने उन्हें तिरंगे से सम्मान दिया.

Samastipur News: रोसड़ा शहर के प्रभु ठाकुर फुलवरिया निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामेश्वर नायक की पत्नी सरस्वती देवी का मंगलवार की सुबह हृदय गति रुकने से निधन हो गया. वह 102 वर्ष की थीं. उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और शहरवासियों में शोक की लहर दौड़ गयी. प्रशासन की ओर से भी उन्हें सम्मान दिया गया.

102 वर्ष की उम्र तक रहीं सक्रिय

सरस्वती देवी उम्र के इस पड़ाव तक सादगीपूर्ण और सक्रिय जीवन जीती रहीं. वह धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं. उनका जीवन धर्म, संस्कार, पारिवारिक जिम्मेदारियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा.

उनके निधन की सूचना मिलते ही आवास पर परिजनों और रिश्तेदारों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था. परिजनों ने उनके निधन को परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया.

बीडीओ ने तिरंगे से किया सम्मान

स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामेश्वर नायक की पत्नी होने के कारण सरस्वती देवी का परिवार लंबे समय से रोसड़ा के सामाजिक जीवन से जुड़ा रहा है. निधन की सूचना मिलने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी ममता कुमारी उनके आवास पर पहुंचीं.

बीडीओ ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे से सरस्वती देवी को सम्मान दिया. इस दौरान परिवार के सदस्य और अन्य लोग मौजूद रहे. परिजनों ने प्रशासन की ओर से दिये गये सम्मान को उनके जीवन और स्वतंत्रता सेनानी परिवार के योगदान के प्रति सम्मान बताया. स्वतंत्रता सेनानी परिवार से जुड़ी होने के कारण सरस्वती देवी को भारत सरकार की ओर से पेंशन भी मिलती थी.

सात पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गयीं

सरस्वती देवी अपने पीछे सात पुत्रों सहित पौत्र-पौत्रियों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गयी हैं. उनके पुत्रों में दीनानाथ नायक, ओम नायक, अशोक नायक, दिनेश नायक, प्रमोद नायक और हीरा नायक शामिल हैं.

उनके पौत्रों में सौरभ सुमन, नीतीश नायक, विकास नायक, राहुल नायक, रिक्की नायक, रिशु नायक, ऋषभ नायक और सौरभ नायक के अलावा देवेंद्र प्रसाद नायक, सत्येंद्र कुमार नायक समेत परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं.

सिमरिया घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

सरस्वती देवी की अंतिम यात्रा मंगलवार को रोसड़ा शहर के विभिन्न मार्गों से निकाली गयी. इसमें परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहरवासियों समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.

इसके बाद पार्थिव शरीर को बेगूसराय जिले में गंगा नदी के तट स्थित सिमरिया घाट ले जाया गया, जहां धार्मिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया. पुत्र ओम नायक ने मुखाग्नि दी.

अंतिम संस्कार में संजय कुमार धन्नू, रविंद्र मिश्रा, रामचंद्र मंडल, पवन नायक, बसंत नायक, अजय प्रधान, राम प्रताप दास, रामेश्वर पूर्वे समेत दर्जनों लोग शामिल हुए.

सरस्वती देवी के निधन पर विभिन्न सामाजिक और पारिवारिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया. लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जतायी.

यह भी पढ़ें

Samastipur News: नवोदय विद्यालय में जूनियर छात्रों की पिटाई, 21 सीनियर छात्र निष्कासित

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Manoj Kumar Thakur

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >