Samastipur News:कोरोना के बाद से ही कुलियों को मिलना बंद है वर्दी

रेलवे ने कुलियों के नाम में बदलाव करके यात्री सहायक का दर्जा तो दे दिया. लेकिन कोरोना काल से अब तक कुलियों को वर्दी या इसके बदले वर्दी भत्ता दोनों ही नहीं मिल पाया है.

Samastipur News:समस्तीपुर : रेलवे ने कुलियों के नाम में बदलाव करके यात्री सहायक का दर्जा तो दे दिया. लेकिन कोरोना काल से अब तक कुलियों को वर्दी या इसके बदले वर्दी भत्ता दोनों ही नहीं मिल पाया है. जानकारी के अनुसार रेल कर्मचारियों को पहले वर्दी दिया जाता था. इसके बाद रेलवे ने नियमों में बदलाव करते हुए वर्दी के जगह वर्दी भत्ता देने का निर्णय किया. इससे पहले स्टोर से वर्दी आपूर्ति की जाती थी. इस बीच रेल कर्मचारियों को तो उनके खाता में वर्दी भत्ता दिया जाने लगा लेकिन यात्री सहायक कुलियों को मामला अधर में अटक गया. उन्हें ना तो वर्दी मिला और न ही भत्ता. इसके कारण ऐसे में कुली अब अपने पैसे से ही लाल कपड़ों से वर्दी बनवा रहे हैं. इस बाबत समस्तीपुर जंक्शन टी टी ई कार्यालय की ओर से मंडल को पत्राचार भी किया गया. लेकिन अधिकारियों की माने तो कर्मचारियों को तो बैंक खाता में वर्दी भत्ता दिया गया. लेकिन यात्री सहायकों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं होने के कारण मामला अधर में ही अटका हुआ है. इस बाबत मंडल वाणिज्य विभाग के अधिकारियों की माने तो मामले को लेकर जानकारी ली गई है. वहीं यात्री सहायक संघ की ओर से कुली मुकेश कुमार ने कहा कि वर्दी नहीं मिलने के कारण काफी समस्या हो रही है. कई कुलियों के तो वर्दी जगह-जगह से फट भी गये हैं. ऐसे में रेलवे अविलंब इस पर कोई निर्णय ले. जिससे कुलियों के वर्दी भी फिर से नए जैसे दिख सके. बताते चलें कि ट्रेनों तक यात्रियों के भारी भरकम सामान पहुंचाने में कुली महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. बोझ को ढोने वाले कुली आज बुनियादी समस्याएं झेल रहे हैं.

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Published by: Ankur kumar

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