Dalsinghsarai Plantation Drive: स्थानीय आरएल महतो इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान कॉलेज परिसर में विभिन्न प्रकार के फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए. संस्थान के शिक्षकों एवं कर्मियों ने पौधे लगाने के साथ-साथ उनके नियमित संरक्षण का भी संकल्प लिया.
प्राचीन संस्कृति में वृक्षों का स्थान देवतुल्य: प्राचार्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने वृक्षों के पर्यावरणीय और सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला:
- सांस्कृतिक महत्व: उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही वृक्षों को देवतुल्य माना गया है. आंवला, पीपल, बरगद, बेल और तुलसी की पूजा की परंपरा इसका जीवंत प्रमाण है.
- पर्यावरण व स्वास्थ्य संतुलन: पेड़-पौधे पर्यावरण को संतुलित रखने के साथ-साथ हमें फल, औषधियां और जड़ी-बूटियां प्रदान करते हैं.
- राहत व छाया: भीषण गर्मी में वृक्षों की शीतल छाया राहगीरों को असीम शांति और राहत देती है.
पौधरोपण अभियान में कई शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में लेक्चरर रूपम कुमारी, सर्वेश सुमन और व्याख्याता आकांक्षा कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए. इस अवसर पर डॉ. निर्मल कुमार चंचल, केशव कुमार चौधरी, उमाशंकर चंदन, मनोज कुमार, मो. इमामुद्दीन, योगेश कुमार, नीलम कुमारी, प्राची अग्रवाल, पल्लव पारस, रूपक कौशल, रश्मि रोजी, श्वेता कर्ण, दिनेश मिश्रा, अजय शर्मा, संतोष सुमन, किरण चौधरी, शेफाली दीक्षिता, प्रकाश मिश्रा और सुनील कुमार उपस्थित रहे.
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