Higher Education Reforms: उच्च शिक्षा व्यवस्था में एक अभूतपूर्व और क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत हुई है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने दूरस्थ (ओडीएल) और ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रहे लाखों विद्यार्थियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत आयोग ने अब ''ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग'' तथा ''ऑनलाइन मोड'' के जरिए एक-वर्षीय स्नातकोत्तर (पीजी) प्रोग्राम संचालित करने की अनुमति प्रदान की है. समस्तीपुर कॉलेज के प्रधानाचार्य डा. शशि भूषण कुमार शशि ने बताया कि यूजीसी सचिव प्रो. श्यामा रथ द्वारा जारी यह नया आदेश उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, व्यावहारिक और समय की बचत करने वाला बनाएगा.
मान्यता प्राप्त संस्थान ही शुरू कर सकेंगे यह कोर्स
आयोग ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं.
- मान्यता अनिवार्य: एक-वर्षीय डिस्टेंस या ऑनलाइन पीजी कोर्स केवल वही संस्थान शुरू कर सकेंगे, जिन्हें पहले से उसी विषय में दो-वर्षीय पीजी कोर्स की मान्यता प्राप्त है.
- नियमों का पालन: शिक्षण संस्थानों को यूजीसी के ओडीएल और ऑनलाइन कार्यक्रम विनियम 2020 के सभी वैधानिक मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा.
प्रवेश प्रक्रिया और पात्रता के लिए मानक तय
पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पारदर्शी और मानक-आधारित नियम लागू किए गए हैं.
- चार-वर्षीय स्नातक अनिवार्य: इस एक-वर्षीय पीजी प्रोग्राम में केवल उन्हीं विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा, जिन्होंने चार-वर्षीय ऑनर्स स्नातक डिग्री उत्तीर्ण की है.
- व्यावसायिक कोर्स के नियम: एमबीए, एमसीए और पीजीडीएम जैसे पाठ्यक्रमों के लिए पात्रता शर्तें संबंधित नियामक निकायों के नियमानुसार रहेंगी.
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