उत्तर बिहार में 2 अगस्त तक मौसम रहेगा शुष्क, 30-31 जुलाई को तीन जिलों में बारिश के आसार

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा ने 29 जुलाई से 02 अगस्त 2026 तक का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है. उत्तर बिहार में अगले पांच दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन 30-31 जुलाई को कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.

Samastipur Weather News: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र और भारत मौसम विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई से 02 अगस्त 2026 तक के लिए मौसम पूर्वानुमान जारी किया गया है. पूर्वानुमान के अनुसार इस अवधि में उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है. हालांकि, कुछ स्थानों पर स्थानीय कारणों से छिटपुट हल्की वर्षा हो सकती है.

30-31 जुलाई को इन जिलों में बारिश के आसार

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 30 और 31 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. गोपालगंज, सीवान और पश्चिम चंपारण के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई है. इससे इन क्षेत्रों में लोगों और किसानों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है.

36 डिग्री तक रहेगा अधिकतम तापमान

अगले पांच दिनों के दौरान उत्तर बिहार में अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. वहीं, न्यूनतम तापमान 24 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. तापमान में अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होने के बावजूद नमी के कारण लोगों को उमस का अहसास हो सकता है.

सुबह 85 प्रतिशत तक रहेगी नमी

मौसम विभाग के अनुसार सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है. दोपहर के समय इसमें कमी आएगी और आर्द्रता 40 से 45 प्रतिशत के आसपास रह सकती है. सुबह अधिक नमी और दोपहर में तापमान बढ़ने के कारण हल्की उमस भरी गर्मी महसूस होने की संभावना है.

10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी पुरवा हवा

पूर्वानुमान अवधि में पूरे उत्तर बिहार में मुख्य रूप से पुरवा हवा चलने की संभावना है. हवा की औसत गति 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है. हवा की दिशा और नमी के कारण मौसम में उमस का प्रभाव बना रह सकता है.

किसानों के लिए जरूरी सुझाव

मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना को देखते हुए किसान स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाएं. जिन क्षेत्रों में बारिश की संभावना है, वहां किसान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान दें. मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति में फसल की जरूरत के अनुसार सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों का निर्णय लेने की सलाह दी जाती है.


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By Girija nandan sharma

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