पूसा: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय व अखिल भारतीय समन्वित शोध परियोजना (सूत्रकृमि ) के सौजन्य से आदिवासी महिला किसानों के बीच औषधीय पौधा वितरण किया गया. इस दौरान श्री अन्न का मरुआ सांवा के अलावे आम तथा लीची का पौधा सहित वर्मी कंपोस्ट देकर जागरूक किया गया. साथ ही औषधीय पौधों में तुलसी, सतावर एवं अश्वगंधा देकर मुहिम को आगे बढ़ाया गया. वहीं आदिवासी महिला किसानों को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक सह परियोजना के मुख्य अन्वेषक डॉ. निशि केसरी ने कहा कि पौधों को ससमय बीमारियों से बचाव करने की जरूरत होती है. हालांकि, शुरुआती दौर में सामान्य आम लीची का पौधा हो या औषधीय पौधा को विभिन्न रोगों से संरक्षित व सुरक्षित रखने के लिए वैज्ञानिकी विधि के अनुसार अनुशंसित दवाओं का छिड़काव जरूरी होता है. अधिष्ठाता कृषि डॉ. मयंक राय, विभागाध्यक्ष डॉ. एसके सिंह के नेतृत्व में सूत्रकृमि जागरूकता दिवस मनाया गया. मौके पर दर्जनों आदिवासी महिला किसानों के अलावे विभागीय कर्मी मौजूद थे.
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