पूसा : डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत परिकटन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी परियोजना, प्रसंस्करण एवं खाद्य अभियांत्रिकी महाविद्यालय के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. अध्यक्षता करते हुए डीन डॉ. रामसुरेश ने कहा कि महिला कृषक समूह को विकसित बनाने की जरूरत है. जिससे किसानों के उत्पाद को मूल्यसंवर्धित कर बेहतर आय दिलाया जा सके. प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम आये लदौरा, रामपुरा, मिल्की तथा कल्याणपुर किसानों की महिला समूह संबंधित किसान को कटाई उपरांत सभी अनाज, फल सब्जी खासकर आलू प्रसंस्करण, खासकर धान की कुटाई के लिए उपयोग की जाने वाली मशीन पर बल दिया. डॉ. विशाल कुमार परियोजना अन्वेषक ने चल रहे मूल्यवर्धित प्रोडक्ट के बारे में किसानों को जानकारी दी. डॉ. दिनेश रजक वरीय वैज्ञानिक सह परियोजना अन्वेषक ने मूल्यवर्धित उत्पाद तथा फलों एवं सब्जियों के बारे में भंडारण, आलू से चिप्स बनाने की तरीका के बारे में तथा सौर शुष्क द्वारा अनाज, फल एवं सब्जी को भंडारण, अनाज लाबा यंत्र और मक्के का भूटा पकाने के यंत्रों की विस्तृत जानकारी दिया गया एवं किसानों को तेल निष्कासित यंत्र तथा ग्रेन मिलिंग के बारे में तथा अनाज भंडारण के लिए हेरमेटिक बैग (वायु रुद्ध) भंडारण जानकारी दी गई. वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पीडी शर्मा, ई. अनुपम अमिताभ वैज्ञानिक सह परियोजना अन्वेषक ने मंच संचालन एवं तथा मकई निष्कासन यंत्र के बारे में विस्तृत जानकारी दी.
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