नाजिरपुर पुलिस बर्बरता: समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत नाजिरपुर में बोलबम सेवा समिति के सदस्यों और ग्रामीणों के साथ हुई पुलिसिया बदसलूकी की जांच सीपीएम (माकपा) की लोकल कमेटी ने पूरी कर ली है. सोमवार को स्थल पर पहुंची जांच टीम ने पूरी घटना का ब्योरा लेते हुए पुलिस प्रशासन पर निर्दोष ग्रामीणों के साथ मारपीट करने और झूठे मुकदमे में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है.
साइड न मिलने पर शराब तस्करी का मढ़ा झूठा आरोप
जांच टीम ने बताया कि 29 अगस्त को बोलबम सेवा समिति के सदस्य देवघर से कांवरियों की सेवा के बाद सामान लेकर नाजिरपुर लौटे थे. तंग रास्ते के कारण जेनरेटर उतारने के लिए ट्रक को बैक किया जा रहा था. तभी सामने से आई उजियारपुर पुलिस की गश्ती गाड़ी को जगह नहीं मिल सकी. इस पर आक्रोशित होकर पुलिस ने ट्रक पर अवैध शराब लदे होने का आरोप लगा दिया. हालांकि, सघन तलाशी के बाद भी जब गाड़ी से कुछ नहीं मिला, तब भी पुलिस जबरन ट्रक को थाने ले जाने की जिद करने लगी.
जांच दल द्वारा सामने लाए गए मुख्य तथ्य:
- ग्रामीणों पर गाली-गलौज व हमला: पुलिस की मनमानी का विरोध करने पर जवानों ने ग्रामीणों से दुर्व्यवहार किया. विरोध करने पर दूध देकर लौट रहे राम नारायण सिंह के सिर पर टॉर्च से वार कर दिया, जिससे उनका सिर फट गया और वे अब भी गंभीर स्थिति में इलाजरत हैं.
- निर्दोषों की गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से संजीव कुमार, सचिन कुमार और उदय सिंह को जबरन पकड़ लिया और उन पर झूठी प्राथमिकी दर्ज कर दी.
- उच्च स्तरीय जांच की मांग: सीपीएम ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय प्रशासनिक जांच कराने तथा दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है.
जांच टीम में शामिल प्रमुख नेता
जांच दल में सीपीएम जिला मंत्री रामाश्रय महतो, अंचल मंत्री उपेंद्र राय, जिला कमेटी सदस्य दिनेश पासवान, उमेश सहनी, मनोज कुमार और रामप्रवेश राय शामिल रहे.
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