पूसा : डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा का खेल मैदान 15 से 17 फरवरी 2025 तक तीन दिवसीय किसानों का महामेला किसान मेला के लिए आज धजकर तैयार हो चुका है. मुख्य अतिथि बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हजारी किसान मेला का शुभारंभ करेंगे. मेला ग्राउंड में बने करीब 180 स्टॉल का स्वयं मॉनिटरिंग करते हुए कुलपति डा पीएस पांडेय ने कहा कि जलवायु परिर्वतन आज एक सच्चाई है. प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन, गहन कृषि और अत्यधिक मानवीय गतिविधियां ही वे प्रमुख प्रभावकारी कारक हैं जिसके परिणामस्वरूप जलवायु परिवर्तन का दंश प्रत्यक्ष अनुभव किया जा रहा है. हम अपने परम्परागत प्रकृति आधारित जीवन पद्धति से दूर होकर आधुनिकता की ओर बढ़ने की होड़ में लगे हैं. जिसके दुष्परिणामों से ही हमारा सम्पूर्ण प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र असंतुलित हो गया है. जलवायु परिर्वतन ने निश्चित रूप से हमारी कृषि पर गंभीर प्रभाव डाला है. जिससे खाद्य सुरक्षा, किसानों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है क्योंकि इन बदली हुई परिस्थिति के कारण जलवायु विशेष क्षेत्र में लिए कृषि उत्पादन के लिए उपयुक्त फसलों के चयन और जलवायु अनुकूल कृषि उत्पादन तकनीकों के अनुप्रयोग से ही संभव हो पाता है. जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों के फलस्वरूप तापमान में अनियमित उतार-चढाव देखा जा रहा है. जिससे अवांछनीय गर्म व ठंडी हवाओं के कारण फसलों का स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. जिससे फसल उत्पादन सीमित हो रहा है. मेला ग्राउंड में डीन पीजीसीए सह प्रसार शिक्षा निदेशक डा मयंक राय, शस्य विज्ञान विभाग के प्राध्यापक सह जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केंद्र के निदेशक सह किसान मेला सचिव डॉ रत्नेश कुमार झा, डा आरके तिवारी, डा एमएल मीणा, डा विनिता सतपथी, डा फूलचंद आदि मेला के मूर्तरूप देने में जुटे हैं.
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