Samastipur News: नगर निगम सहित विभिन्न नगर निकायों में ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने समेत तीन सूत्री मांगों के समर्थन में नगर निगम कर्मचारी एवं सफाई कर्मी गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. राज्य संघ के आह्वान पर स्थानीय निकाय कर्मचारी संघ के बैनर तले शुरू हुई हड़ताल के कारण नगर निगम कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा, वहीं शहर के कई इलाकों में साफ-सफाई और कचरा उठाव का कार्य भी बाधित हुआ.
प्रतिरोध मार्च निकालकर किया प्रदर्शन
हड़ताल के पहले दिन स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सफाई कर्मियों ने नगर निगम कार्यालय से प्रतिरोध मार्च निकाला. मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए स्टेडियम गोलंबर, समाहरणालय और सदर अनुमंडल कार्यालय पहुंचा तथा अंत में नगर निगम परिसर में समाप्त हुआ. इसके बाद कर्मचारियों ने निगम कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया.
धरना की अध्यक्षता स्थानीय निकाय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार ने की.
कर्मचारियों ने रखीं प्रमुख मांगें
धरना सभा को संबोधित करते हुए एक्टू नेता जीवछ पासवान ने कहा कि सफाई कर्मी नगर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें स्थायी सेवा, सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं अब तक नहीं मिल सकी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था से कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं.
कर्मचारियों ने मांग की कि दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं अन्य अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए, नगर निकायों में ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त की जाए, एसीपी एवं एमएसीपी योजना का पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा लंबित बकाया राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए. साथ ही कर्मचारियों के विरोध में जारी सभी संकल्प, आदेश एवं अन्य कार्रवाई वापस लेने की भी मांग की गई.
मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा आंदोलन
नेताओं ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा.
धरना में संगठन के सहायक मंत्री प्रमोद राम, एक्टू नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, जितेंद्र कुशवाहा, विनोद मल्लिक, शिवजी मल्लिक, अमर राम, मनोज कुमार, अलीशेर, भूपेंद्र सिंह, रीता देवी, रेखा देवी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं सफाई कर्मी उपस्थित रहे.
