नगर निगम के राजस्व संग्रहण की रफ्तार हुई धीमी, अप्रैल महीने में महज 7.91% की हुई वसूली

समस्तीपुर नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले महीने अप्रैल में राजस्व संग्रहण की रफ्तार धीमी रही है. जहां पिछले साल निगम ने लक्ष्य से 134% अधिक की वसूली की थी, वहीं इस बार कुल मांग के मुकाबले केवल 7.91% का ही संग्रहण हो पाया है. प्रॉपर्टी टैक्स और ट्रेड लाइसेंस जैसे क्षेत्रों में वसूली बेहद चिंताजनक है.

Samastipur Revenue Collection: नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले महीने अप्रैल 2026 के राजस्व संग्रहण की रफ्तार काफी धीमी रही है. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी इस ताजा रिपोर्ट में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. जहां पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने लक्ष्य से 134.24% अधिक की बंपर वसूली कर शानदार प्रदर्शन किया था, वहीं नए वित्तीय वर्ष के पहले महीने की शुरुआत थोड़ी सुस्त नजर आ रही है. अप्रैल महीने में कुल 9.71 करोड़ रुपये से अधिक की कुल मांग के मुकाबले केवल 76.90 लाख रुपये (7.91%) का ही संग्रहण हो पाया है.

पिछले साल के शानदार प्रदर्शन के बाद आई सुस्ती

पिछले वर्ष का प्रदर्शन बहुत बेहतर रहा था, जहां वार्षिक लक्ष्य 9.44 करोड़ रुपये के मुकाबले वास्तविक वसूली 12.67 करोड़ रुपये हुई थी. नए वित्तीय वर्ष के पहले महीने (अप्रैल 2026) में निगम के पास बकाया और चालू मांग मिलाकर कुल 9,71,64,710.00 रुपये की कुल देनदारी थी, जिसमें से केवल 76,90,349.98 रुपये का ही संग्रहण किया जा सका है. हालांकि कुछ बंदोबस्तियों में प्रगति दिखी है. कर्पूरी बस पड़ाव का 69.42 लाख रुपये में सुरक्षित जमा राशि के साथ डाक हुआ है. इसके अलावा होर्डिंग्स की 14.93 लाख रुपये, लगुनियां सूर्यकंठ कोरबद्धा हाट का 4.85 लाख रुपये और मगरदही घाट दुर्गा पूजा मेला का 7,650 रुपये की शत-प्रतिशत वसूली के साथ बंदोबस्ती हुई है.

प्रॉपर्टी टैक्स और ट्रेड लाइसेंस जैसे बड़े क्षेत्रों में वसूली चिंताजनक

वित्तीय आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रॉपर्टी टैक्स और ट्रेड लाइसेंस जैसे बड़े क्षेत्रों में अभी शुरुआत काफी धीमी है. प्रॉपर्टी टैक्स में कुल 8.25 करोड़ रुपये की मांग के मुकाबले केवल 52.13 लाख रुपये (6.32%) की वसूली हुई है. दुकान किराए में महज 2.28% और ट्रेड लाइसेंस में सिर्फ 2.00% की वसूली दर्ज की गई है, जो बेहद चिंताजनक है. भवन निर्माण अनुमति शुल्क से 8.19% और विज्ञापन से 9.82% राजस्व ही आया है. नगर निगम प्रशासन को आने वाले महीनों में अपनी टीमों को सक्रिय कर इस बड़े गैप को पाटने की सख्त आवश्यकता होगी, ताकि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन को दोहराया जा सके.

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