समस्तीपुर के मोरवा से मनोज वर्मा की रिपोर्ट
Morwa News: समस्तीपुर के मोरवा प्रखंड क्षेत्र में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. आरोप है कि कई तकनीकी सहायक पंचायतों में चल रही योजनाओं की नियमित जांच नहीं करते, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है.
पंचायतों में योजनाओं की निगरानी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ तकनीकी सहायकों को यह तक जानकारी नहीं है कि किस पंचायत में कौन सी योजना संचालित हो रही है. योजना स्थल पर निरीक्षण के बजाय एस्टीमेट तैयार करने से लेकर मापी पुस्तिका (एमबी) तैयार करने तक का कार्य कार्यालय में ही निपटाया जा रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि योजनाओं की नियमित निगरानी नहीं होने से सरकारी राशि से बनने वाली परियोजनाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है.
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पेवर ब्लॉक निर्माण में अनियमितता का आरोप
लोगों का आरोप है कि कई जगहों पर 80 एमएम मोटाई के पेवर ब्लॉक लगाने के एस्टीमेट के बावजूद 60 एमएम मोटाई के ब्लॉक का उपयोग किया जा रहा है. इससे निर्माण कार्य कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो जाते हैं.
ग्रामीणों के अनुसार केशो नारायणपुर, इंद्रवारा, सारंगपुर, ररियाही, बाजितपुर करनैल, चक सिकंदर और हरपुर भिंडी पंचायतों में लगाए गए पेवर ब्लॉकों की गुणवत्ता और मोटाई की जांच कराई जानी चाहिए.
योजना स्थल पर नहीं लग रहे स्कीम बोर्ड
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश योजनाओं के स्थल पर स्कीम बोर्ड भी नहीं लगाए जाते, जिससे लोगों को योजना की लागत, एजेंसी और कार्य अवधि की जानकारी नहीं मिल पाती.
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है.
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BDO बोले- शिकायत सही मिली तो होगी कार्रवाई
मामले को लेकर पूछे जाने पर मोरवा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अरुण कुमार निराला ने कहा कि यदि किसी पंचायत में अनियमितता की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी.
उन्होंने कहा कि संबंधित तकनीकी सहायक की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजकर नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.
