समस्तीपुर: 17 से 25 फरवरी तक चलने वाले माध्यमिक परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गयी है. वहीं परीक्षा ड्यूटी में लगाये गये शिक्षकों को संबंधित विद्यालय के प्रधानों द्वारा विरमित कर दिया गया. जहां रविवार को संबंधित वीक्षकों ने अपने-अपने केंद्रों पर पहुंच कर केंद्राधीक्षक के समक्ष योगदान दिया. जिला प्रशासन के आदेशानुसार सभी अनुमंडल प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्र के भीतर व बाहर सुरक्षा का चाक-चौबंद व्यवस्था की गयी है. साथ ही परीक्षा समिति के मानक अनुरूप सभी परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर की परिधि तक निषेधाज्ञा लागू किया गया है. निषेधाज्ञा के अनुपालन के लिए संबंधित स्थानों पर व्यापक संख्या में पुलिस कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर सभी वीक्षकों के योगदान के उपरांत केंद्राधीक्षकों द्वारा बैठक का आयोजन किया गया, जहां केंद्राधीक्षक द्वारा वीक्षकों को परीक्षा समिति के निर्देश का शत प्रतिशत अनुपालन किये जाने की बात कही गयी. वहीं केंद्राधीक्षक के निर्देशानुसार परीक्षा कक्ष के सीट अनुरूप चार्ट तैयार कराया गया. सूची तैयार कराये जाने के उपरांत संबंधित कक्ष के डेक्स-बेंच पर परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक को चस्पाया गया.
ताकि परीक्षार्थियों को अपने सीट की खोजबीन में परेशानी ना हो सके. कई केंद्राधीक्षकों ने बताया कि परीक्षार्थियों की सूची परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार सहित परीक्षा कक्ष के गेट पर भी चिपकाया जायेगा. बताया कि परीक्षार्थियों को मुख्य द्वार पर ही जानकारी उपलब्ध हो जायेगी कि उनके बैठने की जगह किन कमरे में तय किया गया है. मैट्रिक की परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक चलेगी. मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा में कुल 78,604 विद्यार्थी सम्मिलित होने के लिए पंजीकृत हुए है. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि छात्राओं के लिए 41 व छात्र के लिए 37 केंद्र बनाए गए है. समस्तीपुर अनुमंडल में छात्र के लिए 18 व छात्राओं के लिए 17, रोसड़ा अनुमंडल में छात्र के लिए 10 व छात्राओं के लिए 11,दलसिंहसराय अनुमंडल में छात्र के लिए 6 व छात्राओं के लिए 7 व पटोरी अनुमंडल में छात्र के लिए 3 व छात्राओं के लिए 6 केंद्र बनाए गए है. बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जायेगा और दोषियों को दंडित किया जायेगा. सामूहिक कदाचार होने पर नियमानुसार उस केंद्र की परीक्षा रद्द कर दी जायेगी. बताते चले कि मैट्रिक परीक्षा के लिए 36242 छात्र व 42361 छात्राएं पंजीकृत है. मैट्रिक परीक्षा में बचे हुए प्रश्नपत्र उसी कक्षा में सीलबंद नहीं हुए तो कार्रवाई होगी.विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी
इंटर परीक्षा में इस तरह का मामला सामने आने पर बिहार बोर्ड की ओर से सख्ती की गई है. सभी केन्द्रों की भौतिक जांच रिपोर्ट मांगी गई है. इन्टरमीडिएट परीक्षा संचालन के क्रम में कई परीक्षा केन्द्रों पर निरीक्षण के क्रम में यह पाया गया कि परीक्षा कक्षों में उपलब्ध कराये गये प्रश्नपत्र के पैकेट निर्धारित समय पर खोले जाने एवं कक्ष में वितरण के बाद बचे हुए प्रश्नपत्र अगले परीक्षा कक्ष में कैरी ओवर कर वितरित किये गये. अंतिम परीक्षा कक्ष में कैरी ओवर किये गये प्रश्नपत्रों में से अंतिम रूप से बचे हुए प्रश्नपत्रों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सीलबंद नहीं किया गया. प्रथम पाली दिन के 9.30 बजे से 12.45 बजे तक तथा द्वितीय पाली 2 बजे से 05.15 तक चलेगी. परीक्षार्थियों को प्रथम पाली में परीक्षा प्रारंभ होने के समय से 30 मिनट पूर्व अर्थात 09 बजे एवं द्वितीय पाली के परीक्षा प्रारंभ होने के समय से 30 मिनट पूर्व अर्थात 01. 30 बजे तक परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति दी जायेगी. दोनों पालियों के लिए निर्धारित समय के बाद अर्थात विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी. परीक्षार्थी जूता-मोजा की जगह चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करेंगे.
मैट्रिक परीक्षा का शिड्यूल
तिथि प्रथम पाली दूसरी पाली17 फरवरी मातृभाषा मातृभाषा18 फरवरी गणित गणित19 फरवरी द्वितीय भारतीय भाषा द्वितीय भारतीय भाषा20 फरवरी सामाजिक विज्ञान सामाजिक विज्ञान21 फरवरी विज्ञान विज्ञान22 फरवरी अंग्रेजी अंग्रेजी24 फरवरी ऐच्छिक विषय ऐच्छिक विषय25 फरवरी व्यावसायिक ऐच्छिक विषयडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
