Samastipur News: पूसा. डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित संचार केंद्र के पंचतंत्र सभागार में धान और गेहूं उत्पादन में एकीकृत कीट प्रबंधन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत हुई. प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियों को फसलों में कीट प्रबंधन की तकनीकों और उत्पादन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी.
धान और गेहूं में एकीकृत कीट प्रबंधन पर प्रशिक्षण शुरू
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान धान और गेहूं की फसल में एकीकृत कीट प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी जा रही है. इसका उद्देश्य फसलों को कीटों से होने वाले नुकसान से बचाने के साथ उत्पादन को बेहतर बनाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी देना है.
वैज्ञानिक डॉ. संजीव कुमार ने दिया व्याख्यान
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र का संचालन वैज्ञानिक डॉ. संजीव कुमार ने किया. उन्होंने प्रतिभागियों को फसलों के उत्पादन के दौरान एकीकृत कीट प्रबंधन के विभिन्न उपायों के बारे में व्याख्यान दिया. इस दौरान फसल उत्पादन के साथ कीटों की पहचान और उनके प्रभावी प्रबंधन से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गयी.
बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे 30 प्रतिभागी
वैज्ञानिक डॉ. ध्रुव सिंह ने प्रशिक्षण के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें बिहार के विभिन्न जिलों से कुल 30 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं. प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को धान और गेहूं की फसल में कीट प्रबंधन से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करायी जा रही है.
वैज्ञानिक तकनीकों से उत्पादन बेहतर करने पर जोर
प्रशिक्षण में फसल उत्पादन के दौरान एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाने की उपयोगिता पर जोर दिया जा रहा है. प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें कृषि क्षेत्र में इसका प्रभावी उपयोग करने के लिए तैयार किया जा रहा है. इससे फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों के प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है.
कृषि अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों ने लिया हिस्सा
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी शेखर कुमार मधुकर, एटीएम आदित्य पांडेय और प्रगतिशील किसान समेत अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे. प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिकों और प्रतिभागियों के बीच कृषि से जुड़े विषयों पर चर्चा भी की गयी.
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