Hindu Marriage: गंधर्व विवाह का हॉट स्पॉट बना बिहार का यह मंदिर, पंडित और मंत्र के बिना हो रही शादियां

Hindu Marriage: गंधर्व विवाह हिंदू विवाह के आठ शास्त्रीय प्रकारों में से एक है, जो मुख्यतः प्रेम और आपसी सहमति पर आधारित है. इसे आधुनिक प्रेम विवाह का प्राचीन रूप भी माना जाता है. इस विवाह में कोई धार्मिक अनुष्ठान, गवाह या परिवार की भागीदारी नहीं होती है, बल्कि दो लोगों के बीच सहमति ही पर्याप्त होती है.

Hindu Marriage: समस्तीपुर. बिहार के समस्तीपुर शहर का प्रसिद्ध थानेश्वर स्थान मंदिर आजकल गंधर्व विवाह का हॉट स्पॉट बना हुआ है. आये दिन यहां सनातन की इस विवाह पद्धति से शादी करते प्रेमी युगल हो देखा जा सकता है. गुरुवार को भी एक ऐसे विवाह का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. उसमें एक प्रेमी युगल बिना किसी बैंड-बाजे, बारात या रिश्तेदारों के शादी रचाते नजर आ रहे हैं. थानेश्वर स्थान मंदिर में हुए गंधर्व विवाह में न तो पंडित की मौजूदगी है और न ही कोई औपचारिक रस्म या मंत्र.

बढ़ रहा है गंधर्व विवाह का चलन

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक युवक अपनी प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरता है, जबकि लड़की उसके पैर छूकर आशीर्वाद लेती है. इस दौरान एक दोस्त तस्वीरें खींच रहा है. गंधर्व विवाह ने न केवल समस्तीपुर, बल्कि पूरे बिहार में इस मंदिर को चर्चा का विषय बना दिया है. थानेश्वर स्थान मंदिर में होने वाली ऐसी शादियां अब स्थानीय प्रशासन और समाज के लिए भी एक मुद्दा बन रही हैं. क्या यह प्रेम की जीत है या सामाजिक व्यवस्था पर सवाल. इस विवाह पद्धति के बढ़ते चलन ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है.

अब तक नहीं हुई प्रेमी युगल की पहचान

इस वायरल वीडियो ने न केवल इलाके में गंधर्व विवाह के बढ़ते चलन की ओर लोगों का ध्यान खींचा है, बल्कि इस मंदिर को गंधर्व विवाह के हॉट स्पॉट के रूप में स्थापित होने का प्रमाण भी देता है. वैसे वायरल वीडियो में दिख रहे प्रेमी युगल की पहचान अब तक सामने नहीं आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई बड़ी बात नहीं है. थानेश्वर स्थान मंदिर में अक्सर प्रेमी जोड़े अपने कुछ दोस्तों के साथ पहुंचते हैं, बिना किसी पारंपरिक रस्म के गंधर्व विवाह रचाते हैं और चुपके से चले जाते हैं. इसमें पंडितों का भी कोई रोल नहीं होता है इसलिए ऐसे विवाह का पता भी बाद में ही चल पाता है.

मंदिर की पवित्रता और सादगी आकर्षक

थानेश्वर स्थान मंदिर, जो समस्तीपुर का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है. अब प्रेमी युगलों के लिए यह गंधर्व विभाग का एक पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर की पवित्रता और सादगी इस तरह की शादियों को और आकर्षक बनाती है. हालांकि, कुछ लोग इसे सामाजिक और पारंपरिक मूल्यों के खिलाफ मानते हैं. उनका कहना है कि बिना परिवार की सहमति और रीति-रिवाजों के ऐसी शादियां समाज में विवाद का कारण बन सकती हैं. सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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