Samastipur News: हसनपुर प्रखंड में सोमवार की दोपहर बाद तेज हवा के साथ हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे. हालांकि बारिश के दौरान बिजली लाइन पर ठनका गिरने से छह इंसुलेटर पंक्चर हो गए, जिससे कई घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही.
ठनका गिरने से छह इंसुलेटर हुए पंक्चर
जानकारी के अनुसार, प्रखंड मुख्यालय के पीछे रेलवे ढाला के बीच बिजली तार पर ठनका गिरने से छह इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए. इसके कारण कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. देर रात तक बिजली बहाल कर दी गई, जबकि कुछ गांवों में मंगलवार दिन के समय आपूर्ति सामान्य हो सकी.
बिजली बाधित होने से बढ़ी लोगों की परेशानी
स्थानीय लोगों ने बताया कि गर्मी के मौसम में बिजली उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण बिजली कटने से परेशानी और बढ़ जाती है. उनका कहना है कि तेज हवा और बारिश के दौरान घंटों बिजली बाधित होना अब आम बात हो गई है. लोगों ने विभाग से स्थायी समाधान और बेहतर रणनीति अपनाने की मांग की.
बारिश से किसानों को मिली बड़ी राहत
क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती है. लगातार सिंचाई की आवश्यकता के कारण किसानों पर आर्थिक और शारीरिक बोझ बढ़ रहा था. किसानों का कहना है कि इस बारिश से उन्हें लगभग 15 दिनों तक सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी, जिससे राहत मिलेगी.
49.8 मिमी बारिश दर्ज
एटीएम अवधशरण यादव ने बताया कि मंगलवार को क्षेत्र में 49.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई. वहीं चीनी मिल के उपमहाप्रबंधक (गन्ना) रामाशंकर प्रसाद ने कहा कि गन्ना फसल के लिए यह बारिश अमृत के समान है. जून, जुलाई और अगस्त में गन्ने की वृद्धि सबसे अधिक होती है, इसलिए इस दौरान नियमित वर्षा फसल के विकास के लिए लाभदायक होती है.
किसानों को दिए फसल प्रबंधन के सुझाव
रामाशंकर प्रसाद ने किसानों को सलाह दी कि जिन खेतों में गन्ना गिरने लगा है, वहां जल्द बंधाई करा लें. यदि मजदूरों की समस्या हो तो चीनी मिल के कर्मियों से संपर्क करें. उन्होंने खेतों में अधिक खरपतवार होने पर उपयुक्त कीटनाशक के प्रयोग तथा फसल के बेहतर विकास के लिए यूरिया का स्प्रे करने की भी सलाह दी. साथ ही शरदकालीन गन्ना रोपाई करने वाले किसानों को ढैंचा की हरी खाद खेतों में मिलाने की सलाह दी, ताकि आगामी फसल को इसका लाभ मिल सके.
