Samastipur : एसडीएसवीएम में गुरु सम्मान समारोह का आयोजन

गुरु दीप की तरह होते हैं जो स्वयं जलकर भी शिष्यों के जीवन को प्रकाश और ऊर्जा से भर देते हैं.

रोसड़ा . गुरु दीप की तरह होते हैं जो स्वयं जलकर भी शिष्यों के जीवन को प्रकाश और ऊर्जा से भर देते हैं. यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान प्रदान किया गया है. यह उद्गार सुंदरी देवी सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल बटहा के प्रधानाचार्य रामचंद्र मंडल ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विद्यालय के सभागार में आयोजित गुरु सम्मान समारोह में विषय प्रवेश कराते हुए व्यक्त किया. मंच संचालन करते हुए मीडिया प्रभारी आचार्य विजयव्रत कंठ ने ”जो भी हैं हम गुरु बदौलत है उनका उपकार, उनके पावन चरणों में नमन है बारंबार” पंक्तियों का सस्वर काव्यपाठ कर समां बांधा. वरिष्ठ आचार्य घनश्याम मिश्र और मंजीत कुमार ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इससे नयी पीढी को अवगत कराने पर जोर दिया. मानव जीवन में गुरु की भूमिका पर बाल संसद के प्रधानमंत्री आर्यन कुमार, कैडेट ऐश्वर्य आनंद, खुशी कुमारी और सोनम कुमारी ने भी अपने विचार प्रकट किये. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जला कर महर्षि वेदव्यास के तैलचित्र पर पुष्पार्चन और गुरुवंदना से हुआ. कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने आचार्यों के प्रति तिलक, आरती, पुष्पहार और चरणस्पर्श द्वारा भक्तिभाव दर्शाया. मौके पर आचार्य राम कुमार सिंह, ललित कुमार झा, मनीष ठाकुर, पूनम सिंह, राघवेन्द्र कुमार, रविचंद्र गौर, मनोज कुमार राय, शेषनारायण सिंह, रामशंकर झा, सुमित कुमार, पिंकी कुमारी, अंजू कुमारी, रवींद्र ठाकुर, अशोक कुमार, मनोज कुमार, विकास कुमार, संजय कुमार, सुष्मिता सिंह, अर्चना राय, प्रतिभा कुमारी आदि उपस्थित थे.

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Author: ABHAY KUMAR

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