समस्तीपुर: गंगा का जलस्तर बढ़ा, 5 दिन में 1.10 मीटर की वृद्धि, बाढ़ का खतरा

समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है. पिछले पांच दिनों में 1.10 मीटर पानी बढ़ने से निचले इलाकों के लोग और किसान चिंतित हैं, क्योंकि खरीफ की फसल डूबने का खतरा मंडरा रहा है.

Samastipur Flood Alert: समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. रविवार को गंगा का जलस्तर 44.60 मीटर पर पहुंच गया. यह खतरे के निशान से करीब 0.90 मीटर नीचे है. पिछले पांच दिनों में जलस्तर में 1.10 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है. रोजाना करीब 20 से 25 सेंटीमीटर पानी बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों के लोगों और किसानों की चिंता बढ़ गई है.

रोज बढ़ रहा 20 से 25 सेंटीमीटर पानी

जल संसाधन विभाग के मोहनपुर प्रखंड स्थित सरारी कैंप पर तैनात सहायक अभियंता मनीष गुप्ता ने बताया कि गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. विभाग ने नदी के जलस्तर की प्रवृत्ति बढ़ने वाली बताई है. ऐसे में आने वाले दिनों में भी पानी बढ़ने की आशंका बनी हुई है.

पांच दिनों में 1.10 मीटर की वृद्धि और प्रतिदिन 20 से 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी को देखते हुए विभाग ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है.

तटबंधों और बंडालों पर बढ़ाई निगरानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तटबंधों और बंडालों की निगरानी तेज कर दी है. संवेदनशील स्थानों पर विभाग के वॉलिंटियर्स की प्रतिनियुक्ति की गई है. ये कर्मी तटबंधों की स्थिति और जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रख रहे हैं.

आपात स्थिति से निपटने के लिए 65 हजार से अधिक मिट्टी भरे बैग विभिन्न स्थानों पर सुरक्षित रखे गए हैं. वहीं बारिश के कारण तटबंधों पर बन रहे रेनकट की भी लगातार भराई कराई जा रही है.

विभाग बोला- स्थिति पर लगातार नजर

सहायक अभियंता मनीष गुप्ता ने कहा कि विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. तटबंधों की सुरक्षा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं. संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के साथ जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी.

वाया नदी का भी बढ़ रहा जलस्तर

गंगा की सहायक वाया नदी में भी जलस्तर बढ़ने की सूचना है. हालांकि फिलहाल वाया नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है. इसके बावजूद गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर का असर आसपास के इलाकों में दिखाई देने लगा है.

खरीफ की फसल डूबने की चिंता

स्थानीय लोगों के अनुसार, गंगा का पानी जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे बाढ़ की आशंका मजबूत होने लगी है. निचले इलाकों में किसानों ने खरीफ की फसल लगा रखी है. पानी बढ़ने से खेतों में फसल डूबने का खतरा पैदा हो गया है. इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं.

यह भी पढे़ं: 87 करोड़ से बनेगा रोसड़ा बाईपास, 13.8 KM सड़क से जाम से मिलेगी बड़ी राहत


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Krishan mohan pathak

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >