समस्तीपुर: गंगा और वाया नदियों में लगातार जलवृद्धि से दियारा क्षेत्र के लोगों की परेशानी फिर बढ़ने लगी है. बीते 36 घंटे में गंगा के जलस्तर में 50 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है. मंगलवार दोपहर गंगा का जलस्तर 46.80 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान 45.50 मीटर से 1.30 मीटर अधिक है. जलस्तर बढ़ने से मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के रिहायशी इलाकों में पानी फैलने की आशंका बढ़ गयी है.
निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा पानी
गंगा के सरारी कैंप पर तैनात जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार गुप्ता ने मंगलवार दोपहर में बताया कि गंगा का जलस्तर 46.80 मीटर पर पहुंच गया है और इसकी प्रवृत्ति बढ़ने की है.
लगातार बढ़ते जलस्तर से बोचहा, दुबहा, रासपुर पतसिया पूरब, रासपुर पतसिया पश्चिम, महमद्दीपुर, कुरसाहा, हरैल, तेतारपुर, राजपुर जौनापुर, डुमरी दक्षिण, हरदासपुर और नवघरिया सरसावा के निचले हिस्सों में पानी तेजी से फैल रहा है. पानी अब रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा है.
हरैल पंचायत के वार्ड संख्या 5, 6, 9, 12, 13, 14 और 15 में भी गंगा का पानी तेजी से फैलने लगा है. इससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गयी है.
स्कूलों और सड़कों पर भी पहुंचा पानी
गंगा का पानी कई विद्यालयों के परिसर में फैल गया है. इससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. प्रभावित विद्यालयों में प्लस टू हाई स्कूल मनियर, प्राथमिक विद्यालय चकला, उत्क्रमित मध्य विद्यालय पतसिया और प्राथमिक विद्यालय हरदासपुर समेत डेढ़ दर्जन से अधिक विद्यालय शामिल हैं.
कई सड़कों पर पानी चढ़ जाने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है. इनमें अदलपुर-दुबहा सड़क, दियारा मोड़-चपरा जाने वाली सड़क और आनंदगोलवा से गोलापट्टी जाने वाली सड़क शामिल हैं. जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नाव परिचालन शुरू करने की मांग की है.
तटबंधों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने तटबंधों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है. जल संसाधन विभाग के वॉलिंटियर्स संवेदनशील स्थानों पर गश्त कर रहे हैं.
प्रशासन की ओर से जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाये जा सकें.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाया गया है. यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण इलाज कराने पहुंच रहे हैं.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि गंगा और वाया नदियों से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग और सरकार सजग है. अस्पताल में सभी आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करायी गयी हैं.
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