Freedom Fighter Wife: समस्तीपुर जिले के रोसड़ा शहर के प्रभु ठाकुर फुलवरिया मोहल्ला निवासी एवं प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामेश्वर नायक की धर्मपत्नी सरस्वती देवी का मंगलवार की अहले सुबह निधन हो गया. 102 वर्ष की आयु में हृदय गति रुक जाने (हार्ट अटैक) से उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके देहावसान की सूचना मिलते ही परिजनों, रिश्तेदारों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों में गहरा शोक छा गया.
सादगी और संस्कारों से परिपूर्ण रहा जीवन सफर
सरस्वती देवी आजीवन धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहीं. उनका व्यक्तित्व अत्यंत सरल, मृदुभाषी और प्रेरणादायी था. उम्र के इस अंतिम पड़ाव पर भी परिवार और समाज के प्रति उनका अगाध स्नेह बना रहा.
- भरा-पूरा परिवार: वह अपने पीछे सात पुत्रों, बहुओं तथा पौत्र-पौत्रियों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं.
- अपूरणीय क्षति: स्वतंत्रता सेनानी परिवार से जुड़े होने के कारण रोसड़ा के सामाजिक जीवन में उनकी विशेष प्रतिष्ठा थी. उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है.
- श्रद्धांजलि का तांता: निधन की खबर फैलते ही आवास पर सांत्वना देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों का तांता लग गया.
शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली जाएगी अंतिम यात्रा
उनके पौत्र सौरभ सुमन ने जानकारी दी कि सरस्वती देवी की अंतिम यात्रा रोसड़ा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर मुक्तिधाम तक जाएगी. इस अंतिम यात्रा में परिजनों के साथ-साथ शहर के गणमान्य नागरिक, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शुभचिंतक शामिल होंगे. सरस्वती देवी के निधन से रोसड़ा ने एक धर्मपरायण, स्नेहमयी और ऐतिहासिक स्मृतियों को संजोने वाली अभिभावक को खो दिया है.
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